-राज्यसभा में पेश होगा वक्फ संशोधन बिल, बुधवार को लोकसभा में हुआ था पास।
-पीएम मोदी थाईलैंड यात्रा पर रवाना
नए टैरिफ के एलान के बाद दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट। डाओ जोंस 2.4 प्रतिशत, नेस्डेक 4.2 फीसदी गिरा। एसएंडपी में 3.4 फीसदी की गिरावट। निक्केई में 2.9 फीसदी की गिरावट, कोस्पी 1.9 फीसदी गिरा।
ट्रंप ने इसे मुक्ति दिवस बताते हुए दावा किया कि यह एक ऐसा दिन है जिसका लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने गुरुवार को सरकार पर वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा में मनमाने ढंग से पारित कराने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि यह विधेयक संविधान पर सरेआम हमला है तथा यह समाज को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखने की भाजपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
सोनिया गांधी ने कहा कि यह हमारे लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं मिल रही है। इसी तरह, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे जी को बार-बार अनुरोध के बावजूद वह कहने की अनुमति नहीं दी जाती है जो वह कहना चाहते हैं और वास्तव में उन्हें कहना चाहिए। आपकी तरह मैं भी इसकी साक्षी रही हूं कि कैसे सदन हमारी वजह से नहीं, बल्कि खुद सत्तापक्ष के विरोध के कारण स्थगित होता है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, अनुराग ठाकुर ने कल दूसरे सदन (लोकसभा) में मुझ पर जो आरोप लगाए, उनसे मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ। खरगे ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर से उन पर लगाए गए ‘बेबुनियाद’ आरोपों को साबित करने या इस्तीफा देने को कहा।केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में पेश किया वक्फ संशोधन बिल। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों से चर्चा के बाद बिल लाए। इस पर जेपीसी में विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने 10 शहरों में जाकर लोगों से राय जानी। देश में कई स्थानों पर वक्फ संपत्तियों पर कानूनी विवाद। वक्फ का सही इस्तेमाल होता तो देश बदल जाता। -राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य नसीर हुसैन ने कहा कि जेपीसी में विपक्षी सदस्यों द्वारा की गई किसी भी सिफारिश को वक्फ़ संशोधन विधेयक में शामिल नहीं किया गया।
-उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर लगे प्रतिबंध में ढील देने से इनकार किया।
-दिल्ली की एक अदालत ने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह के खिलाफ दायर मानहानि मामले को खारिज किया।
राज्यसभा में कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार पर आरोप लगाया कि उसने 2013 में वक्फ़ संशोधन विधेयक का समर्थन करने के बाद अपना रुख इसलिए बदल लिया क्योंकि 2024 के चुनाव में उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिला और वह वक्फ़ कानून के बारे में देश में तमाम तरह की भ्रांतियां फैला रही है। हुसैन ने कहा कि 2013 में जब यह विधेयक संसद में आया तो लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में भाजपा के नेताओं ने उसका समर्थन किया था लेकिन आज इसे दमनकारी कानून करार दिया जा रहा है।
भाजपा के डॉ राधामोहन दास अग्रवाल ने वक्फ़ संशोधन विधेयक को लेकर तमाम तरह की भ्रांतियां फैलाये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस विधेयक के प्रावधानों से देश के गरीब, पसमांदा मुसलमानों और महिलाओं की स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी। अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस सदस्य नसीर हुसैन जब राज्यसभा का चुनाव जीते थे तो कर्नाटक विधानसभा में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाये गये थे और इसका विरोध करने पर भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों को जेल में डाल दिया गया था। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने मुसलमान समाज में सुधार के लिए पहली बार कानून लाने की पहल की है। उन्होंने उज्ज्वला सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया जिसके लाभार्थियों में बड़ी संख्या में मुसलमान शामिल हैं।
वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पारित हो गया। JDU ने इसका समर्थन किया, जिसके बाद पार्टी में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। वक्फ संशोधन विधेयक पर पार्टी के रुख को लेकर JD(U) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद कासिम अंसारी ने पार्टी और अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, आप जो कर रहे हैं, वह ठीक नहीं है। इससे देश में विवाद पैदा होंगे। आप विवाद के बीज बो रहे हैं। मैं गृह मंत्री से अपील करता हूं कि इसे वापस लें। इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाएं। गलतियों को सुधारने में क्या बुराई है? इसलिए इसे वापस लेना सही है। यह मुसलमानों के लिए ठीक नहीं है। यह संविधान के खिलाफ है।