प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 5 जनवरी को दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के 13 किलोमीटर लंबे नए खंड का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने सुबह साढ़े 11 बजे हिंडन एयरबेस से साहिबाबाद पहुंचकर इस परियोजना का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने साहिबाबाद आरआरटीएस स्टेशन से न्यू अशोक नगर आरआरटीएस स्टेशन तक नमो भारत ट्रेन में यात्रा की। इस दौरान उन्होंने कई बच्चों से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें पेंटिंग जैसे उपहार दिए। इस परियोजना के शुरू होने से दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा और भी सुगम हो जाएगी। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि सुरक्षा, विश्वसनीयता, उच्च गति और आरामदायक अनुभव भी मिलेगा।
न्यू अशोक नगर से मेरठ दक्षिण तक यात्रा करना अब और भी सरल हो जाएगा। शाम 5 बजे से यात्रियों के लिए नमो भारत ट्रेनें हर 15 मिनट में उपलब्ध होंगी। सामान्य कोच का किराया 150 रुपये और प्रीमियम कोच का किराया 225 रुपये होगा। इस नई कनेक्टिविटी से दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा बेहद आरामदायक और सुलभ हो जाएगी।
लाखों यात्रियों को इस नई कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। पीएम मोदी ने दिल्ली मेट्रो चरण- IV के जनकपुरी और कृष्णा पार्क के बीच लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से 2.8 किलोमीटर की दूरी का उद्घाटन भी किया। यह दिल्ली मेट्रो के चरण- IV का पहला खंड है, जिससे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होगा।
इस उद्घाटन से पश्चिमी दिल्ली के कृष्णा पार्क, विकासपुरी और जनकपुरी जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा। इसके साथ ही, दिल्ली मेट्रो चरण- IV के तहत लगभग 6230 करोड़ रुपये की लागत से 26.5 किलोमीटर लंबे रिठाला-कुंडली खंड का शिलान्यास भी किया गया। यह नया कॉरिडोर दिल्ली के रिठाला को हरियाणा के कुंडली से जोड़ेगा, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के रोहिणी में केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (CARI) के नए भवन का शिलान्यास किया, जिसकी लागत लगभग 185 करोड़ रुपये है। यह नया भवन स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा, जिसमें ओपीडी, आईपीडी और समर्पित उपचार ब्लॉक जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
इन सभी परियोजनाओं के उद्घाटन से दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में न केवल यातायात और कनेक्टिविटी में सुधार होगा, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं में भी विकास होगा, जिससे नागरिकों का जीवन स्तर बेहतर होगा।