आजकल हार्ट ब्लॉकेज की समस्या तेजी से बढ़ रही है. डॉ एस. एस सीबीआ ( कार्डियोलॉजिस्ट और डायरेक्टर- सीबीआ मेडिकल सेंटर, लुधिआना) ने बताया कि गलत खान-पान, स्ट्रेस और गलत लाइफस्टाइल की वजह से दिल की धमनियों में फैट जमा हो जाता है, जिससे ब्लॉकेज बन जाता है. जब यह ब्लॉकेज ज्यादा हो जाता है, तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.
अगर किसी मरीज की आर्टरीज में 70% से ज्यादा ब्लॉकेज हो जाता है और वह सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, जल्दी थकान जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है, तो हम बाईपास सर्जरी या एंजियोप्लास्टी की सलाह दे सकते हैं. अगर ब्लॉकेज 50-70% के बीच है, लेकिन मरीज को कोई लक्षण नहीं हैं, तो सर्जरी की जरूरत नहीं होती. इस स्थिति में दवाओं और हेल्दी लाइफस्टाइल से इसे कंट्रोल किया जा सकता है.
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हार्ट ब्लॉकेज की समस्या गंभीर हो सकती है, लेकिन सही समय पर इलाज और हेल्दी लाइफस्टाइल से इसे रोका जा सकता है. अगर ब्लॉकेज 70% से ज्यादा हो और लक्षण नजर आ रहे हों, तो डॉक्टर से कंसल्ट करके सही इलाज कराना जरूरी है.