एलन मस्क और ओपनएआई के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद अब 2026 में अदालत की चौखट पर पहुंचेगा। मस्क का आरोप है कि जिस ओपनएआई को उन्होंने 2015 में सह-स्थापित किया था, उसने अपनी गैर-लाभकारी संस्था की मूल भावना को छोड़कर अब मुनाफाखोरी की राह पकड़ ली है। उनका कहना है कि यह कंपनी के सार्वजनिक वादों और मूल उद्देश्यों के खिलाफ है।
ओपनएआई के लाभकारी मॉडल पर विवाद
यह मुकदमा एलन मस्क ने पिछले साल दायर किया था, जिसमें उन्होंने ओपनएआई और इसके सीईओ सैम ऑल्टमैन पर आरोप लगाया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मानवता के हित में विकसित करने के मूल लक्ष्य से भटक गए हैं और अब मुनाफे को प्राथमिकता दे रहे हैं। कैलिफोर्निया की यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की जज यवोन गोंजालेज रॉजर्स ने मस्क की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने ओपनएआई के लाभकारी इकाई में बदलने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की अपील की थी। हालांकि, कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई को तेज करने की बात मान ली और अब यह मामला 2026 की वसंत ऋतु में जूरी ट्रायल के लिए तैयार है।
ओपनएआई की तरफ से कहा गया है कि उन्होंने ‘कैप्ड प्रॉफिट मॉडल’ को अपनाया है, जिसमें लाभ सीमित होगा और निवेशकों को फिक्स्ड रिटर्न मिलेगा। कंपनी का कहना है कि बड़े पैमाने पर पूंजी जुटाने के लिए यह मॉडल जरूरी है ताकि वे तेजी से बदलते और खर्चीले एआई क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा कर सकें। कोर्ट दस्तावेजों के मुताबिक, ओपनएआई इस समय करीब 40 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाने की प्रक्रिया में है। जापानी निवेश कंपनी सॉफ्टबैंक ने अप्रैल में 10 अरब डॉलर देने का वादा किया है और दिसंबर तक अतिरिक्त 30 अरब डॉलर की पेशकश की गई है, जो इस पर निर्भर करेगी कि कंपनी साल के अंत तक लाभकारी मॉडल में बदल जाए।
एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच यह लड़ाई अब सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि व्यक्तिगत और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा का भी रूप ले चुकी है। मस्क, जो ओपनएआई को शुरू करने के कुछ समय बाद इससे अलग हो गए थे, ने 2023 में अपनी खुद की एआई कंपनी xAI की शुरुआत की। हाल ही में xAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) को अधिग्रहित किया, जिससे xAI की वैल्यू X के निवेशकों के साथ साझा की जा सके। यह सौदा मस्क की एआई क्षेत्र में पकड़ को और मजबूत करता है।
इस साल की शुरुआत में मस्क के नेतृत्व वाले एक समूह ने ओपनएआई को 97.4 अरब डॉलर में खरीदने की पेशकश की थी, जिसे सैम ऑल्टमैन ने “नो थैंक यू” कहकर ठुकरा दिया। ऑल्टमैन और ओपनएआई ने मस्क के सभी आरोपों को नकारते हुए कहा है कि कंपनी अब भी अपने व्यापक मिशन पर कायम है और सिर्फ आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए ढांचे में बदलाव किया गया है। ऑल्टमैन का यह भी आरोप है कि मस्क का यह कदम एक प्रतिस्पर्धी को रोकने का प्रयास है, न कि जनता के हित के लिए।
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