बच्चे के जन्म के बाद खुला पति का सालों पुराना राज़, भरोसे के टूटने से बिखर गई पत्नी की दुनिया
Varsha Saini January 06, 2026 01:05 PM

PC: anandabazar

एक 32 वर्षीय महिला की ज़िंदगी उस समय पूरी तरह बदल गई, जब बच्चे को जन्म देने के कुछ ही हफ्तों बाद उसे अपने पति के एक बड़े धोखे के बारे में पता चला। लंबी शादीशुदा ज़िंदगी और गहरे भरोसे के बावजूद, उसका पति सालों से अपनी असली कमाई और बचत उससे छिपा रहा था। इस सच ने महिला को मानसिक और भावनात्मक रूप से तोड़कर रख दिया।

नोवा (बदला हुआ नाम) ने खुद इस धोखे को सबके सामने लाया। उसने साफ़ शब्दों में कहा कि किसी भी रिश्ते की नींव भरोसा होती है, और उसके पति ने उसी भरोसे को तोड़ दिया। उसका कहना है कि वह इस सच्चाई को जानने के बाद पूरी तरह टूट चुकी है।

शादी के बाद बदली ज़िंदगी
नोवा ने बताया कि वह शादी से पहले नौकरी करती थी। शादी के बाद, पति-पत्नी मिलकर ज़िंदगी से जुड़े फैसले लेते थे। परिवार की ज़िम्मेदारी पति की कमाई से चलती थी, जबकि नोवा घर और परिवार को संभालती थी। आपसी सहमति से यह तय हुआ कि बच्चे के आने के बाद नोवा अपनी नौकरी छोड़ देगी। इसी योजना के तहत उसने इस्तीफ़ा दे दिया।

एक फ़ोन कॉल से खुला राज़
बच्चे के जन्म के चार हफ्ते बाद ही नोवा की ज़िंदगी में भूचाल आ गया। सरकारी फ़ायदों के बारे में जानकारी लेने के लिए किए गए एक फ़ोन कॉल के दौरान, एक सरकारी अधिकारी ने अनजाने में कह दिया कि उसके पति की सैलरी काफ़ी ज़्यादा है। यह सुनकर नोवा को शक हुआ।

जब उसने पति से सवाल किए और फिर बैंक रिकॉर्ड चेक किए, तो सच्चाई सामने आ गई। नोवा को पता चला कि उसके पति ने एक अलग, गुप्त बैंक अकाउंट बना रखा था।

छिपी हुई सैलरी और सीक्रेट अकाउंट
जांच में सामने आया कि नोवा के पति हर महीने उस सीक्रेट अकाउंट में $6,000 से ज़्यादा जमा कर रहे थे। उसकी असली सैलरी लगभग $8,500 प्रति माह (करीब 7.05 लाख रुपये) थी, जबकि उसने नोवा को हमेशा बताया था कि टैक्स के बाद उसे सिर्फ़ 5 लाख रुपये ही मिलते हैं।

इतना ही नहीं, उस गुप्त अकाउंट में पहले से ही $45,000 (करीब 37 लाख रुपये) से ज़्यादा जमा थे। नोवा के मुताबिक, उसका पति पैसे खर्च करने में बेहद कंजूस था और जरूरतों पर भी हाथ खोलने से बचता था।

भरोसे के टूटने से हिली सुरक्षा की भावना
इस खुलासे ने नोवा की फ़ाइनेंशियल और इमोशनल सिक्योरिटी को पूरी तरह खत्म कर दिया। उस समय वह चार हफ्ते के नवजात बच्चे के साथ घर पर थी और अपने सभी खर्चों के लिए पूरी तरह पति पर निर्भर थी। उसे एहसास हुआ कि जिस इंसान पर उसने आंख मूंदकर भरोसा किया, वही सालों से उसे अंधेरे में रख रहा था।

खुद के पैरों पर खड़े होने का फैसला
इस सदमे के बाद नोवा ने एक बड़ा फैसला लिया। उसने अपने पति की राय को नज़रअंदाज़ करते हुए दोबारा काम पर लौटने का निर्णय किया। उसके लिए यह सिर्फ़ आर्थिक आज़ादी नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षा को दोबारा हासिल करने का रास्ता भी था।

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