हिंदू पंचांग, जिसे वैदिक पंचांग भी कहा जाता है, भारतीय संस्कृति और परंपराओं का अहम हिस्सा है। पंचांग के माध्यम से समय, तिथि, ग्रहों की स्थिति और शुभ-अशुभ काल की सटीक जानकारी प्राप्त की जाती है। 07 जनवरी 2026, बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
तिथि और ग्रहों की स्थितिइस दिन पौष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो रात 02:55 बजे तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि आरंभ हो जाएगी। चंद्रमा इस दिन मकर राशि में स्थित रहेगा, जो अनुशासन, स्थिरता और योजनाबद्ध कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
इसके साथ ही विशाखा नक्षत्र और आयुष्मान योग का संयोग बन रहा है। आयुष्मान योग को दीर्घायु, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला योग माना जाता है, जिससे यह दिन कई कार्यों के लिए अनुकूल बन जाता है।
पंचांग का महत्वहिंदू पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है:
पंचांग के माध्यम से शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्र-सूर्य की स्थिति, हिंदू मास और पक्ष की विस्तृत जानकारी मिलती है। धार्मिक अनुष्ठान, व्रत, पूजा और शुभ कार्यों की योजना पंचांग देखकर ही बनाई जाती है।
07 जनवरी 2026 के शुभ मुहूर्तइस दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त रहेगा, जो सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक होगा। इस अवधि में नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है।
राहुकाल का समय (शहर-वार)राहुकाल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। 07 जनवरी 2026 के लिए प्रमुख शहरों का राहुकाल इस प्रकार है:
ये समय पूजा, व्रत और दैनिक धार्मिक कार्यों के लिए उपयोगी होते हैं।
निष्कर्ष07 जनवरी 2026 का दिन चतुर्थी तिथि, मकर राशि में चंद्रमा, विशाखा नक्षत्र और आयुष्मान योग के कारण शुभ ऊर्जा से भरपूर है। पंचांग के अनुसार कार्य करने से दिन अधिक सकारात्मक और संतुलित बन सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।