गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राप्तीनगर में सीएम ग्रिड (चीफ मिनिस्टर ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट) योजना के तहत बनी स्मार्ट सड़क का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया और बताया कि यह सड़क नगर निगम के लिए निश्चित आय का स्रोत बनेगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त से सड़क के सभी पहलुओं जैसे पार्किंग, बेंच, यूटिलिटी डक्ट, हरियाली और तकनीकी निर्माण प्रक्रियाओं की जानकारी ली। नगर आयुक्त ने बताया कि यह सड़क पहले चरण के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि स्मार्ट सड़क में स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट और यूटिलिटी डक्ट की व्यवस्था की गई है। यूटिलिटी डक्ट का उद्देश्य यह है कि पाइपलाइन (बिजली, गैस आदि) डालने के लिए बार-बार सड़क खोदने की जरूरत न पड़े। इसके अलावा, इस डक्ट का उपयोग करने वाली संस्थाएं नगर निगम को किराया देंगी, जिससे नगर निगम को सालाना लगभग दो करोड़ रुपये की आय होगी।
सीएम ग्रिड की यह स्मार्ट सड़क नगर निगम के लिए एक मॉडल रोड के रूप में भी काम करेगी और अन्य नगर निकायों को अपनी आय बढ़ाने के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से शहर, जिले और पूरे प्रदेश के विकास में सहायक परिणाम सामने आते हैं।
गोरखपुर में इस तरह की स्मार्ट सड़कें विकास के एक नए रूप को प्रदर्शित कर रही हैं, जो न केवल नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाएंगी बल्कि नगर निगम की वित्तीय स्थिति में भी योगदान देंगी।
इस परियोजना में तकनीकी नवाचार, यूटिलिटी प्रबंधन और हरित पहल का संयोजन किया गया है, जो शहर की बुनियादी सुविधाओं के लिए लंबे समय तक लाभकारी साबित हो सकता है। इससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और सड़क रखरखाव की प्रक्रिया भी सुचारू होगी।