संबित पात्रा का टीएमसी पर निशाना, सीएम ममता बनर्जी को घेरा
Indias News Hindi January 09, 2026 08:42 AM

New Delhi, 8 जनवरी . भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं Lok Sabha सांसद डॉ संबित पात्रा ने Thursday को पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के मामले में ईडी की रेड के बीच Chief Minister ममता बनर्जी द्वारा रेड में व्यवधान उत्पन्न करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के प्रयास पर हमला बोला.

डॉ. पात्रा ने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल को ऐसा बना दिया है जैसे बंगाल India के कानून से बाहर का कोई अलग क्षेत्र है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बंगाल की जनता लोकतांत्रिक तरीकों से ममता बनर्जी के अराजक शासन का जवाब देगी और उनके खिलाफ मजबूती से खड़ी होगी.

संबित पात्रा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस प्रकार से Governmentी कामकाज में बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी ने दखल दिया है, मीडिया के माध्यम से देश के हर घर ने वह दृश्य देखे हैं. भारतवर्ष में शायद पहली बार ऐसा हो रहा होगा कि भ्रष्टाचार के मामले में जब ईडी रेड करने गई हो तब उस बीच स्वयं Chief Minister घुस कर सबूतों को मिटाने और चुराने का प्रयास कर रही हों. हिंदुस्तान के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ, जो आज बंगाल में हुआ.

उन्होंने कहा कि 2020 में सीबीआई का एक मामला था जो राज्य में लीज होल्ड जमीन से निकाले जाने वाले कोयले की अवैध तस्करी से संबंधित था, जिसमें बड़े पैमाने पर घोटाला और हवाला लेनदेन शामिल था. यह बहुत बड़ा कोयला घोटाला था, जिसमें हवाला का पैसा भी संलिप्त था. उस समय एक First Information Report हुई और समय के साथ उसपर कार्रवाई भी चल रही थी. उसी मामले में वर्ष 2020 में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आज Enforcement Directorate ने देश के 10 स्थानों पर छापेमारी की, जिनमें 6 स्थान बंगाल में और 4 स्थान दिल्ली में थे. इस कार्रवाई के तहत मुख्य रूप से कोल स्कैम में शामिल अनूप माझी के परिसरों और कार्यालयों पर छापे मारे गए, जहां से यह भी सामने आया कि एक हवाला रैकेट सक्रिय था और इस मामले में पीएमएलए अधिनियम के तहत भी मामला बनता है.

डॉ पात्रा ने कहा कि हवाला के माध्यम से धन को आगे भेजा जाता था और इसी क्रम में एक कंपनी, जिसका नाम आई-पैक है, उसके परिसरों पर भी बंगाल में छापा पड़ा. जब आई-पैक के कार्यालय में छापेमारी चल रही थी, तब कुछ वरिष्ठ Police अधिकारी वहां पहुंचे और उन्होंने Enforcement Directorate के अधिकारियों से छापेमारी की प्रामाणिकता को लेकर सत्यापन किया, जिस पर ईडी अधिकारियों ने अपने पहचान पत्र और छापेमारी से संबंधित सभी वैध दस्तावेज दिखाए, जिसके बाद छापेमारी शांतिपूर्वक चल रही थी.

उन्होंने कहा कि इसी दौरान अचानक Chief Minister ममता बनर्जी बंगाल Police के साथ आई-पैक के कार्यालय पहुंचीं और स्वयं अंदर जाकर, जहां छापेमारी चल रही थी, वहां से कागजात जैसे भौतिक दस्तावेज और पेन ड्राइव, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सहित अन्य कई प्रकार के साक्ष्य अपने साथ ले गईं. शायद ऐसा दृश्य हिन्दी फिल्म में भी किसी ने नहीं देखा होगा कि सीबीआई या ईडी की रेड चल रही हो और उस बीच स्वयं एक Chief Minister आकर साक्ष्य लेकर चली जाएं.

राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि प्रतीक जैन नामक व्यक्ति, जो आई-पैक का पूरा संचालन करता है और आई-पैक के पीछे की पूरी रणनीति से जुड़ा हुआ है, उसके घर पर और आई-पैक के परिसरों में भी छापेमारी हुई. इन दोनों ही स्थानों पर Chief Minister ममता बनर्जी ने स्वयं पहुंचकर व्यवधान उत्पन्न किया और इलेक्ट्रॉनिक तथा भौतिक साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की और उन्हें चुराकर अपने साथ ले गईं. ममता बनर्जी ने अपनी मंशा को अंजाम देने के लिए बंगाल Police का इस्तेमाल किया. यह पूरा घटनाक्रम इस बात का स्पष्ट संकेत देता है कि ममता बनर्जी के पास छिपाने के लिए बहुत कुछ है और ऐसे कई राज हैं, जिनका खुलासा वह नहीं होने देना चाहतीं.

उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2025 में ममता बनर्जी Government के ही एक मंत्री और सत्तारूढ़ दल के विधायक मदन मित्रा ने सार्वजनिक रूप से आई-पैक से जुड़े लोगों को भ्रष्ट बताया था और कहा था कि यही लोग उन्हें बर्बाद कर देंगे. जब सत्तारूढ़ दल के अपने नेता ही आई-पैक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हों, तो ऐसे में आई-पैक के दफ्तरों पर छापेमारी के दौरान Chief Minister का वहां पहुंचकर दबंगई के साथ साक्ष्य उठाकर ले जाना अपने आप में बेहद शर्मनाक और अत्यंत दुखद विषय है.

डॉ संबित पात्रा ने कहा कि क्या ममता बनर्जी ने बंगाल को ऐसा बना दिया है कि वह India के कानून से बाहर कोई अलग क्षेत्र है? जहां ममता बनर्जी कहती हैं कि घुसपैठियों के खिलाफ कोई कानून लागू नहीं होगा, जहां वह कहती हैं कि एसआईआर लागू नहीं होना चाहिए, जहां वह यह घोषणा करती हैं कि बीएसएफ को सीमा सुरक्षा के लिए जमीन नहीं दी जाएगी, और ईडी के छापे नहीं पड़ने चाहिए, लेकिन जब ईडी की छापेमारी होती है तो स्वयं ममता बनर्जी अधिकारियों को धमकाने के लिए वहां पहुंच जाती हैं. क्या ममता बनर्जी बंगाल को India से काटने की कोशिश कर रही हैं? यह सवाल बिल्कुल जायज है, जिस पर आज हर बंगाली और हर हिंदुस्तानी को सोचना चाहिए कि आखिर यह माफिया राज और दबंगई का शासन कब तक चलेगा, जहां भ्रष्टाचार को बचाने के लिए स्वयं Chief Minister सड़कों पर उतर आती हैं?

उन्होंने कहा कि जनता जनार्दन सब कुछ समझती है और जनता के मन में भ्रष्टाचार के लिए कोई सहानुभूति नहीं होती. जनता भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करती. आने वाले दिनों में बंगाल की जनता लोकतांत्रिक तरीकों से ममता बनर्जी के अराजक शासन का जवाब देगी और उनके खिलाफ मजबूती से खड़ी होगी.

डीकेपी/

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