बार-बार पेट खराब होना, गैस, अपच या दस्त जैसी समस्याएं आजकल आम हो गई हैं। खराब लाइफस्टाइल, जंक फूड और तनाव का सीधा असर हमारे गट हेल्थ पर पड़ता है। ऐसे में दवाओं की बजाय अगर डाइट में नेचुरल प्रोबायोटिक्स शामिल किए जाएं, तो पाचन तंत्र को प्राकृतिक रूप से मजबूत किया जा सकता है।
प्रोबायोटिक्स क्या होते हैं और क्यों जरूरी हैं?
प्रोबायोटिक्स अच्छे बैक्टीरिया होते हैं, जो आंतों में मौजूद खराब बैक्टीरिया को कंट्रोल करते हैं। ये पाचन सुधारने, इम्यूनिटी बढ़ाने और पेट की गड़बड़ियों से राहत दिलाने में मदद करते हैं।
पेट को दुरुस्त रखने वाले 5 नेचुरल प्रोबायोटिक्स
1. दही
दही सबसे आसान और प्रभावी नेचुरल प्रोबायोटिक है। इसमें मौजूद गुड बैक्टीरिया पाचन को बेहतर बनाते हैं और पेट की सूजन कम करते हैं।
2. छाछ
छाछ पेट को ठंडक देती है और पाचन क्रिया को दुरुस्त रखती है। गर्मियों में पेट खराब की समस्या से बचने के लिए यह बेहद फायदेमंद है।
3. किण्वित सब्जियां (Fermented Vegetables)
अचार, कांजी और खमीरी सब्जियों में प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो आंतों की सेहत सुधारते हैं।
4. इडली और डोसा
इडली और डोसा जैसे फर्मेंटेड फूड्स न सिर्फ हल्के होते हैं, बल्कि पाचन के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं।
5. किमची या सॉकरक्रॉट
ये फर्मेंटेड फूड्स अच्छे बैक्टीरिया से भरपूर होते हैं और पेट की समस्याओं में राहत दिलाने में मदद करते हैं।
प्रोबायोटिक्स का सेवन कैसे करें?
कब बरतें सावधानी?
अगर पेट खराब की समस्या लंबे समय से बनी हुई है या इसके साथ बुखार, खून आना या वजन तेजी से घट रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
पेट खराब से राहत पाने के लिए दवाओं से ज्यादा जरूरी है गट हेल्थ को मजबूत करना। डाइट में ये 5 नेचुरल प्रोबायोटिक्स शामिल कर आप अपने पाचन तंत्र को स्वस्थ रख सकते हैं और पेट की समस्याओं से बच सकते हैं।