बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में बॉक्स ऑफिस कलेक्शन हमेशा फिल्म की सफलता और दर्शकों की पसंद का अहम पैमाना होता है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘इक्कीस’ की कमाई ने फिल्म उद्योग में हलचल मचा दी है, लेकिन यह हलचल अच्छी नहीं बल्कि निराशाजनक साबित हुई। फिल्म ने 10 दिनों तक दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म अपेक्षाओं के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी।
विशेषज्ञों और ट्रेड एनालिस्ट के अनुसार, फिल्म ‘धुरंधर’ ने अपने पहले दिन ही जितनी कमाई की थी, उतनी ही ‘इक्कीस’ ने 10 दिनों तक भी नहीं कमा पाई। इस तथ्य ने न केवल फिल्म निर्माताओं को चिंतित किया है, बल्कि दर्शकों और आलोचकों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।
‘इक्कीस’ को लेकर शुरुआती उत्साह अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा। पहले दिन की कमाई में कमी ने यह संकेत दिया कि दर्शक फिल्म को लेकर उतने उत्साहित नहीं थे। ट्रेड एनालिस्ट बताते हैं कि फिल्म की कहानी, प्रमोशन रणनीति और स्टार पावर सभी कारकों के बावजूद दर्शकों को पर्याप्त आकर्षित नहीं कर पाई।
फिल्म समीक्षकों का कहना है कि ‘इक्कीस’ के फ्लॉप होने के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण यह रहा कि फिल्म की कहानी और पटकथा में नयापन नहीं था, और यह दर्शकों को पहले की कई फिल्मों जैसा ही अनुभव देती नजर आई। इसके अलावा, मार्केटिंग और प्रचार में भी फिल्म अपेक्षित स्तर तक पहुंच नहीं सकी।
दूसरी ओर, ‘धुरंधर’ की सफलता दर्शाती है कि दर्शक अच्छी कहानी और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस को हमेशा प्राथमिकता देते हैं। ‘धुरंधर’ ने अपने पहले दिन ही रिकॉर्ड कमाई करके साबित कर दिया कि सटीक कहानी, स्टार कास्ट और सही प्रचार बॉक्स ऑफिस पर बड़ा फर्क डाल सकते हैं।
फिल्म उद्योग के जानकारों का कहना है कि ‘इक्कीस’ की कमाई से यह स्पष्ट है कि दर्शक अब केवल स्टार पावर या बड़े बजट की फिल्म पर विश्वास नहीं करते। उन्हें कहानी, निर्देशन और मनोरंजन का संतुलन चाहिए। इस फ्लॉप से निर्माताओं को यह सीख लेने की जरूरत है कि केवल प्रचार और स्टार कास्ट से फिल्म को सफल नहीं बनाया जा सकता।
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