उत्तर प्रदेश: बागपत मॉडल बना महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल, 9 मंत्रों से संवरेगा बेटियों का भविष्य
TV9 Bharatvarsh January 12, 2026 06:42 AM

महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के लिए उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में शुरू की गई नव देवियों की शक्ति पर आधारित 9 योजनाएं चर्चा में हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप तैयार यह मॉडल बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित है.

इसकी सबसे खास बात यह है कि जिलाधिकारी अस्मिता लाल की पहल पर इन कार्यक्रमों में प्रशासन और खाप पंचायतों की साझेदारी दिखाई दे रही है, जो प्रदेश में अपनी तरह का अनोखा प्रयोग है. इनका उद्देश्य बेटियों को केवल संरक्षण नहीं, बल्कि समान अवसर और सामाजिक स्वीकृति भी दिलाना है. यह परिवर्तन किसी जादू से नहीं आया, बल्कि नवदेवी के नौ मंत्रों से शुरू हुआ, जिन्हें बागपत ने अपनाया और उत्तर प्रदेश के लिए नजीर बना दिया.

खाप पंचायतों के साथ सामाजिक क्रांति

इस मॉडल की सबसे क्रांतिकारी उपलब्धि खाप पंचायतों का समर्थन है. मिशन शक्ति 5.0 के तहत खाप चौधरियों ने दहेज, ऑनर किलिंग और भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ प्रशासन के साथ हाथ मिलाया है. अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती और लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाइयों ने सरकार के इरादों को और स्पष्ट कर दिया है.

मॉडल का उद्देश्य बेटियों की जिंदगी को बेहतर बनाना

बागपत डीएम अस्मिता लाल ने कहा कि मॉडल का उद्देश्य बेटियों को केवल संरक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें समान अवसर, सामाजिक स्वीकृति और आत्मनिर्भरता दिलाना है. नव देवियों की शक्ति के नौ मंत्र स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और गरिमा से जुड़े हैं. यह पहल प्रशासन और समाज की साझेदारी से आगे बढ़ रही है, जिसमें खाप पंचायतों की भागीदारी इसे एक मजबूत सामाजिक आंदोलन बनाती है. हमारा संकल्प है कि बेटी को सम्मान, सुरक्षा, पहचान और अवसर, चारो ही स्तरों पर पूरा अधिकार मिले.

ये है नवदेवियों की शक्ति और पहल

स्वास्थ्य और स्वच्छता: ‘निरा’ मुहिम के तहत फ्री कॉटन रियूजेबल सेनेट्री पैड्स और ‘सांस’ अभियान के जरिए नवजात मृत्यु दर में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है.

शिक्षा और जागरूकता: ‘किशोरी का पिटारा’ के माध्यम से लड़कियां अपने मन की बात और संवेदनशील सवाल काउंसलर्स से साझा कर रही हैं.

सुरक्षा और गरिमा: बड़ौत बस डिपो से शुरू हुई आंचल स्तनपान कक्ष की पहल कामकाजी महिलाओं को सार्वजनिक स्थलों पर गरिमा प्रदान कर रही है.

आर्थिक स्वावलंबन: बुनकर महिलाओं को सीधे बाजार और रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है.

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