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रोज़ाना के खाने में नमक का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। नमक के बिना खाना बेस्वाद लगता है। नमक खाने के जितने फायदे हैं, उतने ही शरीर को भी होते हैं। नमक का इस्तेमाल स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। नमक समुद्र के पानी की खारेपन पर निर्भर करता है। आम तौर पर, समुद्र के पानी की खारापन 3.5% होती है। समुद्र के पानी में औसतन 3.5% नमक घुला होता है। सूरज की गर्मी की वजह से पानी भाप बन जाता है और नमक क्रिस्टल के रूप में जमा हो जाता है। इस प्रोसेस को इवैपोरेशन कहते हैं। आइए जानें कि एक लीटर समुद्र के पानी से कितना नमक बनता है।
एक लीटर समुद्र के पानी से 35 ग्राम नमक बनता है। साथ ही, अगर हम सारे समुद्र के पानी को देखें, तो पूरी धरती पर 500 फीट मोटी परत बन सकती है।
नमक बनाने का सबसे पुराना और आसान तरीका इवैपोरेशन है। समुद्र के पानी के इवैपोरेशन के बाद नमक की परतें बनती हैं। समुद्र का पानी भाप के रूप में जमा होता है। फिर वही पानी सूरज की गर्मी की वजह से इवैपोरेट हो जाता है और नमक बनता है।
सभी समुद्रों में नमक की मात्रा एक जैसी नहीं होती है। डेड सी में हर लीटर पानी में लगभग 300 से 340 ग्राम नमक होता है, जबकि आम समुद्रों में डेड सी से 10 गुना ज़्यादा पानी होता है।
समुद्र का पानी सिर्फ़ नमक नहीं होता। इस पानी में मैग्नीशियम, कैल्शियम और पोटैशियम जैसे एलिमेंट पाए जाते हैं। नमक को साफ़ करने के दौरान इनमें से कुछ एलिमेंट हटा दिए जाते हैं।
समुद्र के पानी को भाप बनाकर बनाया गया नमक सीधे खाने में इस्तेमाल नहीं होता। नमक को प्रोसेस किया जाता है और फिर खाने में इस्तेमाल किया जाता है।