ASP अनुज चौधरी पर नहीं हुई FIR, हाई कोर्ट जाने की तैयारी में पीड़ित परिवार; आलम की बहन ने कह दी ये बड़ी बात
TV9 Bharatvarsh January 17, 2026 10:42 AM

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हुई हिंसा के दौरान दिव्याग युवक आलम गोली लगने से घायल हो गया था. परिजनों ने के मुताबिक, आलम बिस्किट बेचने निकला था, उसे हिंसा के बारे में जानकारी नहीं थी. इस मामले में पीड़ित परिवार एक साल से न्याय के लिए भटक रहा है. जिला कोर्ट ने अनुज चौधरी के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं लेकिन उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, जिसे पीड़ित परिवार निराश है. केस दर्ज नहीं होने पर पीड़ित युवक की बहन रजिया ने हाई कोर्ट जाने की बात कही है.

दरअसल, 24 नवंबर 2023 को हुई हिंसा के दौरान पुलिस फायरिंग में आलम गोली लगने से घायल हो गया था. जिसके बाद से उसका इलाज चल रहा है. बहन रजिया ने कहा कि आलम और उनके पिता पर ही घर की जिम्मेदारी थी. आलम के घायल होने के बाद से परिवार की आर्थिक हालत और भी बदतर हो गई है. आरोप है कि पुलिस फायरिंग में युवक को गोली लगी थी जिसके एक साल बाद कोर्ट ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया था.

पीड़िता का झलका दर्द

वहीं इस मामले में सियासत भी तेज हो गई है. CJM कोर्ट के आदेश के बाद पूर्व सीओ अनुज चौधरी और 12 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे. वहीं बीजेपी के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल ने बड़ा बयान दिया है. राजेश सिंघल ने पुलिस का खुलकर समर्थन करते हुए कहा है कि इस मामले में पुलिस की कोई गलती नहीं है और जिन पर गोली चलने का आरोप लगाया जा रहा है, वे खुद ही आपस में लड़े थे.

तीन गोलियां लगने की कही बात

22 वर्षीय आलम की बहन रजिया ने कहा कि आलम पहले से ही दिव्यांग है और तीन पहिया ठेले पर बिस्किट बेचकर परिवार का गुजारा करता था. गोली लगने के बाद किसी तरह उसकी जान तो बच गई, लेकिन अब उसका शरीर पूरी तरह कमजोर हो चुका है. परिवार गंभीर आर्थिक स्थिति का सामना कर रहा है. एक साल से हम न्याय की उम्मीद में हैं.

रजिया ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा खराब है. पिता के अलावा आलम घर की कमाई का सहारा था, लेकिन इलाज के चलते परिवार पर कर्ज बढ़ गया है. पीड़िता का कहना है कि उनके भाई को तीन गोलियां लगी थीं लेकिन किसी तरह से उसकी जान बच गई.

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