मुंबई, 21 जनवरी। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कम उम्र में कदम रखने वाली कई अभिनेत्रियों ने अपने करियर को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। लेकिन कुछ ने अपने व्यक्तिगत जीवन को प्राथमिकता देते हुए फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया। इनमें से एक हैं नम्रता शिरोडकर, जिनका 22 जनवरी को 54वां जन्मदिन मनाया जाएगा।
90 के दशक में अपनी खूबसूरती से दर्शकों का दिल जीतने वाली नम्रता आज फिल्म जगत से दूर हैं। वह अपने पति, साउथ के सुपरस्टार महेश बाबू और दो बच्चों के साथ एक सुखद जीवन बिता रही हैं। हालांकि, बहुत से लोग नहीं जानते कि नम्रता का परिवार फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ है और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में की थी। एक पारंपरिक महाराष्ट्रीयन परिवार में जन्मी नम्रता की दादी, मीनाक्षी शिरोडकर, एक प्रसिद्ध मराठी अभिनेत्री थीं।
नम्रता ने अपने अभिनय के गुण अपनी दादी से प्राप्त किए और अपनी बहन शिल्पा शिरोडकर के साथ बॉलीवुड में कदम रखा। उन्होंने 1977 में 'शिरडी के साईं बाबा' में बाल कलाकार के रूप में अपनी शुरुआत की। पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने मॉडलिंग की और 1993 में फेमिना मिस इंडिया का खिताब जीता। इसी वर्ष उन्होंने मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भी भाग लिया।
नम्रता ने 1998 में फिल्म 'जब प्यार किसी से होता है' से बड़े पर्दे पर कदम रखा। भले ही उनका रोल छोटा था, लेकिन इस फिल्म ने उन्हें पहचान दिलाई। इसके बाद, उन्होंने संजय दत्त के साथ 'वास्तव' में लीड रोल निभाया, जो दर्शकों के बीच काफी सफल रही।
उनकी करियर की अन्य उल्लेखनीय फिल्में 'पुकार', 'अस्तित्व', 'कच्चे धागे', और 'एलओसी कारगिल' हैं। हालांकि, नम्रता ने हिंदी सिनेमा में कई औसत फिल्में कीं, लेकिन दक्षिण भारतीय सिनेमा में 'वामसी' में महेश बाबू के साथ काम करने का मौका मिला। दोनों ने 5 साल डेट करने के बाद शादी कर ली।
दिलचस्प बात यह है कि नम्रता की पहली फिल्म, 'पूरब की लैला पश्चिम की छैला', रिलीज होने से पहले ही बंद हो गई थी। इस फिल्म में सुनील शेट्टी और अक्षय कुमार लीड रोल में थे।