झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन, एक करोड़ के इनामी सहित 15 नक्सली ढेर
Indias News Hindi January 23, 2026 05:42 AM

चाईबासा/रांची, 22 जनवरी . Jharkhand के नक्सल प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में Thursday को सुरक्षाबलों को अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली है. सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी माओवादी पतिराम मांझी उर्फ अनल दा समेत कुल 15 Naxalite मारे गए हैं. मारे गए नक्सलियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं.

सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि मारे गए अन्य नक्सलियों में अनमोल उर्फ सुशांत (बीजेएसएसी), अमित मुंडा (आरसीएम), पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालू, राजेश मुंडा, बुलबुल अल्दा, बबिता, पूर्णिमा, सूरजमुनी और जोंगा शामिल हैं. इनमें से कई पर Jharkhand, Odisha और एनआईए द्वारा लाखों रुपए के इनाम घोषित थे और इन सभी के खिलाफ गंभीर Naxalite मामलों के दर्जनों केस दर्ज थे. ये सभी Naxalite केंद्रीय कमेटी सदस्य (सीसीएम) अनल उर्फ पतिराम मांझी के दस्ते के साथ Jharkhand के कोल्हान इलाके में लंबे समय से सक्रिय थे.

अनल दा पर Jharkhand में एक करोड़ रुपए और Odisha में एक करोड़ 20 लाख रुपए का इनाम घोषित था. इसके अलावा, एनआईए ने उस पर 15 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था. उसके खिलाफ कुल 149 आपराधिक मामले दर्ज थे. वह गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र का रहने वाला था और बीते दो दशकों से Naxalite संगठन का शीर्ष रणनीतिकार माना जाता था. वर्ष 2022 से अब तक चाईबासा के कोल्हान और सारंडा जंगली क्षेत्र में हुए आईईडी विस्फोटों और हिंसक घटनाओं में अनल उर्फ पतिराम मांझी के दस्ते की प्रमुख भूमिका रही है.

आईजी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि किरीबुरू थाना क्षेत्र अंतर्गत सारंडा के घने जंगलों में Thursday सुबह करीब 6:30 बजे से ‘ऑपरेशन मेधा बुरु’ के तहत 209 कोबरा, Jharkhand जगुआर, सीआरपीएफ और जिला Police ने अभियान शुरू किया. इस दौरान अनल उर्फ पतिराम मांझी के सशस्त्र दस्ते ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में सुरक्षाबलों ने कार्रवाई की. कई चरणों में चली मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से 15 नक्सलियों के शव, भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई.

सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह ने कहा कि अनल के खात्मे से Odisha सीमा से सटे इलाकों में भी Naxalite गतिविधियों पर निर्णायक असर पड़ेगा. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस मुठभेड़ के बाद Jharkhand में सक्रिय नक्सलियों की संख्या घटकर अब 50 से 60 के बीच रह जाने का अनुमान है. Jharkhand Police ने शेष बचे नक्सलियों से अपील की है कि वे समय रहते आत्मसमर्पण कर राज्य Government की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं. फिलहाल पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है.

एसएनसी/एएमटी

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