कौन हैं सिमरन बाला? गोलियों की गूंज के बीच पली-बढ़ी वो जांबाज अफसर, जो गणतंत्र दिवस पर रचने जा रही हैं इतिहास!
UPUKLive Hindi January 24, 2026 07:42 AM

Simran Bala CRPF Officer: जब हौसले बुलंद हों और इरादों में चट्टान जैसी मजबूती हो, तो सीमा पर गिरने वाले मोर्टार और गोलियों की गूंज भी इंसान को उसके लक्ष्य से नहीं भटका सकती। इस साल 26 जनवरी को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) मना रहा है और इस मौके पर कर्तव्य पथ एक ऐसे ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है, जिसे देख हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। जम्मू-कश्मीर की 26 वर्षीय जांबाज अफसर सिमरन बाला, सीआरपीएफ (CRPF) की उस टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली हैं, जिसमें सभी पुरुष जवान शामिल हैं।

एलओसी के पास बीता बचपन, अब संभालेंगी कमान

नियंत्रण रेखा (LOC) के पास गोलियों की गूंज के बीच पली-बढ़ी सिमरन, 140 पुरुषों वाली सीआरपीएफ यूनिट को लीड करने वाली पहली महिला अधिकारी बनकर इतिहास रचने की तैयारी में हैं। नौशेरा की इस बेटी का शून्य से शिखर तक का सफर बेहद प्रेरक है। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में सिमरन बाला का नेतृत्व देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल और वर्दीधारी महिलाओं के बढ़ते सम्मान का प्रतीक है। वह परेड के दौरान 140 से अधिक पुरुष सीआरपीएफ कर्मियों की कमान संभालेंगी। यह दृश्य न केवल सिमरन के व्यक्तिगत साहस को दिखाएगा, बल्कि यह भी साबित करेगा कि भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों में महिलाएं अब किसी भी बाधा को पार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

दहशत के साये में बनीं फौलादी इरादों वाली अफसर

सिमरन का जन्म जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर के एक छोटे से गांव में हुआ था। यह इलाका पाकिस्तान सीमा के बिल्कुल करीब है। उनके बचपन की यादें खिलौनों से कम और सीमा पार से होने वाली अकारण गोलीबारी और मोर्टार हमलों की आवाजों से ज्यादा जुड़ी हैं। दहशत के उस माहौल में स्कूल जाना और अपनी पढ़ाई जारी रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन शायद इसी संघर्ष ने सिमरन के इरादों को फौलादी बना दिया। आज वह अपने पूरे जिले की पहली महिला सीआरपीएफ अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।

पहले ही प्रयास में हासिल की बड़ी कामयाबी

सिमरन बाला की शैक्षणिक योग्यता और उनके अनुशासन की मिसाल आज हर युवा को प्रेरित कर रही है। उन्होंने साल 2023 में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (UPSC CAPF) जैसी कठिन परीक्षा पास की थी। सिमरन ने अखिल भारतीय स्तर पर 82वीं रैंक हासिल की और उस साल वह जम्मू-कश्मीर से यह परीक्षा पास करने वाली इकलौती महिला उम्मीदवार थीं। उनकी यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत और अटूट लगन का नतीजा है।

आखिर कैसे हुआ सिमरन का चयन?

गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर 140 पुरुष जवानों का नेतृत्व करने के लिए सिमरन का चयन उनकी असाधारण लीडरशिप क्वालिटी के कारण हुआ है। परेड की कड़ी रिहर्सल के दौरान सिमरन का जबरदस्त आत्मविश्वास, तालमेल और अपनी टुकड़ी पर उनकी मजबूत पकड़ ने वरिष्ठ अधिकारियों का दिल जीत लिया। उनके इसी बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें 26 जनवरी को इस गौरवशाली जिम्मेदारी के लिए चुना गया है।

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