नई दिल्ली: कैल्शियम हड्डियों की मजबूती के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है, और इसे आमतौर पर दूध का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी को रोजाना एक गिलास दूध पीने की सलाह दी जाती है ताकि शरीर में कैल्शियम की कमी न हो।
हालांकि, यदि आप दूध नहीं पी सकते, चाहे वह लैक्टोज असहिष्णुता, पाचन संबंधी समस्याएं या डेयरी एलर्जी के कारण हो, तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। वास्तव में, एक ऐसा जूस है जो एक गिलास दूध से अधिक कैल्शियम प्रदान कर सकता है और यह हड्डियों के साथ-साथ संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
एक न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, कैल्शियम केवल डेयरी उत्पादों तक सीमित नहीं है। कुछ हरी पत्तेदार सब्जियां भी कैल्शियम से भरपूर होती हैं, जिनका जूस या सूप बनाकर सेवन किया जा सकता है। सही तरीके से तैयार किया गया यह जूस शरीर को कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रदान करता है।
न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, पुदीना और धनिया पत्ती का जूस कैल्शियम का एक उत्कृष्ट स्रोत है। यह जूस एक गिलास दूध की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक कैल्शियम प्रदान करता है। इसे रोजाना एक गिलास पीना सुरक्षित माना जाता है, और यह बच्चों के लिए भी फायदेमंद है।
पुदीना और धनिया पत्ती दोनों में कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है। इसके अलावा, इस जूस में विटामिन K, विटामिन C, आयरन और फॉस्फोरस भी होते हैं, जो हड्डियों, जोड़ों, मांसपेशियों, हार्मोन संतुलन और संपूर्ण इम्यूनिटी के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
कैल्शियम के लिए सहजन की फली भी अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों को बोन डेंसिटी कम होने या ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या है, उन्हें सहजन की फली का सूप या जूस अवश्य पीना चाहिए।
यदि दिन में केवल 2 सहजन की फलियां खा ली जाएं, तो यह बोन डेंसिटी बढ़ाने में मदद कर सकती हैं और ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों में भी राहत मिल सकती है। साल में 3-4 महीने तक सहजन की फली का नियमित सेवन हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकता है।