Bengal: स्कूल के बच्चों को परिजनों से बिना पूछे CM ममता की सभा में ले गए टीचर, प्रशासन पर उठे सवाल
बंगाली डेस्क January 29, 2026 06:42 PM

West Bengal News: पश्चिम बंगाल के सिंगूर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सभा के दौरान स्कूल के कई छात्र अभिभावकों को सूचित किए बिना ले जाए गए, जिससे अभिभावकों में नाराजगी फैल गई. प्रिंसिपल ने स्वीकार किया कि यह कदम प्रशासन के शीर्ष स्तर के निर्देश का पालन करते हुए उठाया गया और अभिभावकों को अंतिम समय में सूचना देने का अवसर नहीं मिला.

ठीक 10 दिन पहले सिंगूर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा हुई थी. वहां लोग टाटा की नैनो कारखाने वाली जमीन पर नए उद्योग या कारखाने की घोषणा की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन मुख्यमंत्री की सभा में कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई. ममता बनर्जी ने सभा में बंगाल के विकास और बजट संबंधी कई मुद्दों को उठाया.

उद्योग की उम्मीदों के बीच राजनीति का माहौल

बीजेपी के अखिल भारतीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि सिंगूरवासियों को कोई नई योजना नहीं मिली और सवाल उठाया कि इसके लिए जवाबदेही कौन देगा. विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने टाटा समूह के कारखाने के बंद होने और उद्योगों के पश्चिम बंगाल से पलायन को लेकर तंज कसा.

उद्योग और कृषि नीति पर बहस

तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने सिंगूर में कभी भी ममता बनर्जी या पार्टी ने उद्योग या टाटा के खिलाफ कोई निर्णय नहीं लिया और उन्होंने उद्योगों और किसानों के हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया. उन्होंने कहा कि टाटा समूह अभी भी पश्चिम बंगाल में काम कर रहा है और विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी गलत जानकारी फैला रहे हैं.

सिंगूर में औद्योगिक विकास की स्थिति और जमीन नीति पर राजनीति जारी है. पिछले 15 सालों में कई उद्योग पश्चिम बंगाल छोड़ चुके हैं और इस मुद्दे पर दोनों राजनीतिक दलों के बीच बहस और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है.

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