गोंडा, 29 जनवरी (आईएएनएस)। यूजीसी को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार हलचल बढ़ रही है। भाजपा नेता बृज भूषण शरण सिंह ने भी इसका विरोध किया है और इसे समाज को बांटने वाला बताया है।
भाजपा नेता बृज भूषण शरण सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "बुधवार को मैंने अपनी राय रखी थी और मैंने इसके लिए अपना ही गांव चुना, क्योंकि मैंने लंबे समय से देखा है कि गांव के छोटे बच्चे, जिनमें दलित समुदाय के साथ-साथ दूसरे पिछड़े समुदायों के बच्चे भी शामिल हैं, लगभग रोज हमारे बच्चों के साथ खेलने आते हैं। जो गाइडलाइंस पेश की गई है, उसके बारे में पूरे देश में बहुत गुस्सा है।"
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मैं दिल्ली गया था। मैंने उन लोगों से मुलाकात की और इस बारे में बात की जो इसको भली-भांति समझते हैं। हमने समझने की कोशिश की और समझाया। इसी के दृष्टि से मैंने बुधवार को एक बयान दिया कि यह गाइडलाइंस एकतरफा है और एक समाज को शोषित मान लिया गया है और एक समाज को पीड़ा देने वाला मान लिया गया है। एक वर्ग का कोई नुमाइंदा भी उस कमेटी में नहीं रहेगा। तो, यह गाइडलाइंस समाज को बांटने का काम करेगा।
उन्होंने कहा, "यह गाइडलाइंस किस मंशा से लाया गया, मुझे यह मालूम नहीं, लेकिन इससे समाज में तनाव पैदा हो रहा है। मेरा यह कहना है कि इसमें जो ओबीसी के बच्चे हैं या दलित समाज के बच्चे हैं, जो सारी स्थिति को समझते हैं, उनको भी इसमें आगे आना पड़ेगा और यह केवल सवर्ण समाज की ही पीड़ा नहीं है, यह सर्व समाज की पीड़ा है।"
उन्होंने कहा कि मैंने एक बात कही कि ऑफिस में बैठ करके आप निर्णय न लें। आप गांव में आएं और देखें कि कैसे गांव में सर्व समाज मिलकर रहता है। आज फिर मेरा आग्रह यही है कि यह एकतरफा है। इससे तनाव फैल रहा है, नफरत फैल रही है। इस पर पुनर्विचार की आवश्यकता है और देश का माहौल बहुत ज्यादा खराब हो रहा है। यह खराब नहीं होना चाहिए, रुकना चाहिए। मैं चाहता हूं कि कोई रास्ता सरकार निकाले।
--आईएएनएस
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