Bokaro Scam Alert : बोकारो में हुआ करोड़ों का महा-घोटाला झारखंड CID के खुलासे से हड़कंप
Newsindialive Hindi February 01, 2026 07:43 PM

News India Live, Digital Desk: झारखंड के बोकारो जिले से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने राज्य की प्रशासनिक मशीनरी को हिला कर रख दिया है। झारखंड CID (Criminal Investigation Department) ने एक बहुत बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसमें सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया है। इस 'महा-घोटाले' के तार न केवल स्थानीय दलालों, बल्कि कई रसूखदारों और सरकारी अधिकारियों से भी जुड़े होने के संकेत मिले हैं। CID की इस कार्रवाई ने बोकारो से लेकर रांची तक खलबली मचा दी है।कैसे हुआ करोड़ों का फर्जीवाड़ा? CID ने खोली परतेंCID की जांच में यह बात सामने आई है कि यह घोटाला बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। दस्तावेजों में हेरफेर और फर्जी कागजात के सहारे सरकारी योजनाओं के फंड में बड़ी सेंधमारी की गई है।फर्जी बैंक खाते: घोटालेबाजों ने कई ऐसे बैंक खाते खोले थे जिनका अस्तित्व केवल कागजों पर था।दस्तावेजों की जालसाजी: सरकारी टेंडर और बिलों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई, जिससे जनता का पैसा भ्रष्ट अधिकारियों की जेबों में जा पहुंचा।करोड़ों का गबन: शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, यह घोटाला कई करोड़ रुपये का हो सकता है, जिसकी विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट अभी आना बाकी है।रसूखदारों के 'सिंडिकेट' पर CID का शिकंजाबोकारो जैसे औद्योगिक शहर में हुए इस घोटाले के पीछे एक मजबूत सिंडिकेट होने की आशंका है। CID सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने अपने राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख का इस्तेमाल कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।"हमारी टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और अहम सबूत जुटाए गए हैं। इस मामले में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।" — CID के एक वरिष्ठ अधिकारीअधिकारियों की मिलीभगत: अब लपेटे में आएंगे 'साहब'जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि विभाग के कुछ निचले और मध्यम स्तर के अधिकारियों ने जानबूझकर फाइलों को आगे बढ़ाया और अनियमितताओं पर आंखें मूंद लीं। CID अब उन सभी फाइलों की जांच कर रही है जिन पर इन अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। जल्द ही कई गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।भ्रष्टाचार के खिलाफ झारखंड में 'जीरो टॉलरेंस'मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। राज्य सरकार ने CID को पूरी छूट दी है कि वह इस घोटाले की तह तक जाए और इसमें शामिल सफेदपोशों का चेहरा बेनकाब करे। इस कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि झारखंड में अब भ्रष्टाचार करने वालों की खैर नहीं है।

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