योगी के बुलडोजर एक्शन पर AIMIM का वार, कहा- न्याय के नाम पर खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा
TV9 Bharatvarsh February 01, 2026 08:43 PM

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के भदरसा रेपकांड में बरी किए गए समाजवादी पार्टी (सपा) नेता मोईद खान के बाद योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच AIMIM जिला अध्यक्ष असद अब्दुल्ला का बयान सामने आया है. उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई पर राज्य सरकार पर निशाना साधा है.

संभल में बुलडोजर कार्रवाई पर AIMIM जिलाध्यक्ष ने उठाते हुए कहा कि मामूली शिकायत पर बुलडोजर कार्रवाई क्यों की गई. उन्होंने कहा कि अदालत में आरोप तय होने के बाद कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने जनपद में हो रही बुलडोजर कार्रवाई पर योगी सरकार को जमकर घेरा.

‘खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा’

असद अब्दुल्ला ने रविवार (1 फरवरी) को कहा कि बिना अपराध सिद्ध हुए महज आरोप के आधार पर मकान, बेकरी और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर चलाना असंवैधानिक है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बुलडोजर न्याय के नाम पर खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है.

‘जुर्म और सजा क्या है यह कोर्ट तय करती है’

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का जुर्म क्या है, उसकी सजा क्या है यह कोर्ट तय करती है. उन्होंने कहा कि यहां मामूली आरोप लगते ही बुलडोजर चला दिया जाता है. उन्होंने कहा कि अब जब दो साल जेल काटने के बाद मोइद खान बरी हो गए हैं, तो यह साबित करता है कि कार्रवाई कितनी अन्यायपूर्ण थी. उन्होंने इसे तानाशाही रवैया बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां कानून के शासन के खिलाफ हैं.

हाईकोर्ट की टिप्पणी का किया स्वागत

AIMIM जिला अध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की उस टिप्पणी पर, जिसमें पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रमोशन के लिए घुटनों के नीचे गोली मारने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाया गया है, उन्होंने टिप्पणी का फैसले का स्वागत किया.अब्दुल्ला ने कहा कि न्यायपालिका का सम्मान जरूरी है और कोर्ट को ऐसे मामलों में सख्ती से संज्ञान लेना चाहिए, ताकि कानून-व्यवस्था के नाम पर गरीबों के साथ ज्यादती न हो.

समाजवादी पार्टी की चुप्पी पर उठाए सवाल

इसके साथ ही असद अब्दुल्ला ने समाजवादी पार्टी पर चुप्पी साधने पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि सपा योगी सरकार का विरोध नहीं कर पा रही है. उन्होंने कहा कि सपा के 111 विधायक और 37 सांसद होने के बावजूद इस अन्याय पर आज तक खुलकर क्यों नहीं बोले? क्यों आगे आकर विरोध नहीं किया? उन्होंने सपा नेतृत्व की चुप्पी पर अफसोस जताया.

‘ऐसे बयान असंवैधानिक और देश को बांटने वाले’

इसके अलावा AIMIM जिलाध्यक्ष ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा मियां मुसलमानों को किराया कम देने और परेशान करने वाले बयान पर भी कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान असंवैधानिक हैं और देश को बांटने वाले हैं. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस बयान पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए और सीएम सरमा पर FIR दर्ज करनी चाहिए.

‘नफरत के जवाब में मोहब्बत होनी चाहिए’

असद अब्दुल्ला ने कहा कि नफरत के जवाब में मोहब्बत होनी चाहिए अगर किराया पांच रुपए हो तो सात दें, दस हो तो बारह दें, ताकि देश की पहचान अमन और भाईचारा बनी रहे. उन्होंने कहा कि देश नफरत से नहीं बल्कि भाईचारे मोहब्बत और अमन चैन से मजबूत होगा.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.