आपके शरीर में विटामिन डी और बी12 का लेवल ठीक है. हड्डियों की कोई बीमारी भी नहीं है, लेकिन फिर भी मसल पेन रहता है तो इसके असली कारणों का पता होना जरूरी है. क्योंकि ये कोई समस्या नहीं है, लेकिन फिर भी अगर दर्द है तो ये परेशानी का कारण बना रहता है. इस समस्या के बारे में जानने के लिए हमने मैक्स हॉस्पिटल में आर्थोपेडिक विभाग में डॉ. अखिलेश यादव से बातचीत की है.
डॉ अखिलेश बताते हैं कि इस तरह के मसल पेन के कई कारण होते हैं. इनमें बड़ा कारण यह रहता है कि कई लोग घंटों तक एक ही पोज़िशन में बैठकर काम करते हैं. गलत पोस्चर भी रहता है तो मसल पेन का कारण बनता है. लैपटॉप ये फोन के सामने लगातार झुकी हुई गर्दन और पीठ पर दबाव भी इस दर्द का कारण होता है. इसमें भले ही विटामिन डी से लेकर कैल्शियम नॉर्मल हो, लेकिन ये दर्द बना रहता है.
मानसिक तनाव भी एक वजहडॉ अखिलेश कहते हैं कि सीधे तौर पर तो नहीं, लेकिन मानसिक तनाव भी इस दर्द का कारण बन सकता है. मानसिक तनाव से हार्मोन का बैंलेंस बिगड़ता है. जिससे मसल्स लगातार टाइट रहती हैं, जो दर्द का कारण बनता है. मानसिक तनाव के साथ साथ अगर नींद की कमी भी है तो भी दर्द होता है क्योंकि जो लोगपूरी नींद नहीं लेते, उनकी मसल्स को रिपेयर होने का समय नहीं मिल पाता है. इससे मसल में दर्द बना रहता है.
डिहाइड्रेशनभले ही विटामिन की कमी न हो, लेकिन शरीर में पानी की कमी से भी मसल पेन हो सकता है. क्योंकि पानी की कमी से शरीर में इलेक्ट्रॉल कम हो जाते हैं. खासतौर पर गर्मी में पसीना ज्यादा निकलने पर यह समस्या बढ़ जाती है. देखा जाता है कि एथलीट्स में मसल पेन की समस्या हो जाती है. भले ही उनमें कैल्शियम से लेकर विटामिन या प्रोटीन सब अच्छा हो. इनमें मसल पेन का कारण पानी की कमी हो सकती है. क्योंकि एथलीट्स में खेलकूद के दौरान ज्यादा पसीना निकलता है.
मसल पेन से राहत कैसे पाएं?अपने पोश्चर को ठीक रखें और कभी भी 1 घंटे से अधिक समय तक एक ही पोश्चर में न बैठें
रोज़ाना हल्की स्ट्रेचिंग
दिन में कम से कम 7 से आठ गिलास पानी पीएं
78 घंटे की नींद लें