केला या इसका शेक… गट हेल्थ के लिए फल को किस तरह खाना है बेस्ट?
TV9 Bharatvarsh February 03, 2026 01:43 PM

गट हेल्थ को ठीक रखने में फलों को खाना बेस्ट माना जाता है. अधिकतर फल फाइबर से भरपूर होते हैं और ये तत्व हमारे पेट के स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने में अहम रोल निभाता है. वैसे फलों में कई जरूरी न्यूट्रिएंट्स होते हैं जिससे शरीर को ताकत मिलती है. यहां हम केले को खाने के तरीके पर बात करने जा रहे हैं. ये ऐसा फल है जो हर किसी की सेहत के लिए फायदेमंद साबित होता है. बच्चों को हेल्दी रखने से जिम के बाद डाइट लेनी हो… अमूमन हर किसी के लिए केला एक बेस्ट स्नैक है. मीठा होने की वजह से इसका स्वाद बेहद टेस्टी लगता है और इसे पचाना भी आसान है. इसके अलावा जो लोग वेट लॉस कर रहे हैं उनके लिए भी ये अच्छा माना जाता है क्योंकि इससे पेट देर तक भरा रहता है. इस तरह हम ओवरईटिंग से भी बच पाते हैं.

यहां हम आपको बताने जा रहे हैं गट हेल्थ को ठीक रखने के लिए केले को सीधा खाना सही है या इसका मिल्क शेक पीना बेस्ट है. चलिए आपको बताते हैं बनाना या बनाना शेक में कौन है ज्यादा बेस्ट?

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

जयपुर की आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉक्टर किरण गुप्ता कहती हैं कि केले का किस तरह सेवन करना है ये आपकी जरूरत पर निर्भर करता है. एक्सपर्ट कहती हैं कि अगर आप जिम या एक्सरसाइज का रूटीन फॉलो करते हैं तो केले का शेक पीना सही है. क्योंकि दूध के साथ पेयर करने के बाद इसे पचाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. इसलिए फिजिकली एक्टिव होना जरूरी है. लेकिन जो लोग गट हेल्थ को दुरुस्त रखना चाहते हैं वे अगर केले को सीधा खाएं तो बेस्ट रहता है.

क्यों केले को सीधा खाना है बेस्ट?

आयुर्वेद के मुताबिक किसी भी चीज को चबाकर खाना सबसे अच्छा रहता है. दरअसल, पाचन क्रिया में चीजों को चबाने का बड़ा रोल है. इसलिए जब आप केले को अच्छे से चबाते हैं तो ये मुंह की लार के साथ मिलता है. इस तरीके से पेट में गया केला दोगुने फायदे पहुंचाता है क्योंकि इस कारण हमारे एंजाइम्स एक्टिव हो जाते हैं. लार के साथ मिलने से केला ठीक से पचता तो है ही साथ ही बॉडी को पूरे न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं.

वहीं जब आप स्मूदी या बनाना शेक को पीते हैं तो इस कंडीशन में चबाने जैसा जरूरी प्रोसेस छूट जाता है. इतना ही नहीं केले और दूध की तासीर में फर्क है. दो अलग तासीर वालों चीजों को मिक्स करके उनका सेवन करने से भी कुछ हद तक नुकसान झेलना पड़ सकता है. इस वजह से डाइजेशन स्लो हो सकता है क्योंकि ये शरीर की अग्नि को कमजोर बनाता है. इसके अलावा कफ दोष भी होता है जिससे दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम्स जैसे कोल्ड, कफ, साइनस कंजक्शन और एलर्जी के होने का डर बढ़ जाता है.

क्या होता है जब केले और शेक का कॉम्बिनेशन बॉडी में जाता है

एक्सपर्ट्स के मुताबिक जब आप बनाना का शेक पीते हैं तो पेट में रिएक्शन होता है. दरअसल, दूध जब पेट में जाता है तो ये हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ रिएक्ट करता है जिससे बॉडी का नेचुरल प्रोसेस बिगड़ता है. सिर्फ दूध को पीने से प्रोटीन मिलता है. लेकिन जब आप इसे केले के साथ लेते हैं तो चीजें बदल जाती हैं. केले में मैलिक एसिड और साइट्रिक एसिड होता है जो ऑर्गेनिक एसिड कहलाते हैं. ये दूध को जल्दी फाड़ देते हैं. अगर दूध पेट में इस तरह रिएक्ट करता है तो डाइजेशन स्लो होता है और शरीर में पोषक तत्वों के सही अवशोषण भी प्रभावित होता है.

केला और दूध को इस तरह खाएं

अगर आप दिनभर में दूध और केले का सेवन करना चाहते हैं तो इसके लिए दूसरा तरीका अपनाएं. एक्सपर्ट कहते हैं कि मील लेने के बाद केले को चबाकर खाएं. इसके दो घंटे बाद एक गिलास दूध पिएं. ये जरूरी नहीं है कि बनाना शेक हर किसी को सूट करें. ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं हो उन्हें केले का शेक एक्सपर्ट की सलाह पर ही पीना चाहिए.

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