मुंबई के जुहू क्षेत्र में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के निवास पर हुई फायरिंग की घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है, और हाल ही में एक नया सीसीटीवी फुटेज जारी किया गया है, जिसमें फायरिंग करने वाला आरोपी स्कूटी पर तेज गति से भागता हुआ दिखाई दे रहा है।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि यह हमला पूर्व नियोजित था। आरोपी और उसके साथियों ने रोहित शेट्टी के घर और उसके आस-पास के क्षेत्र की कई दिनों तक निगरानी की थी। इसके बाद उन्होंने फायरिंग की और स्कूटी से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, शूटर ने फायरिंग के बाद विले पार्ले रेलवे स्टेशन तक स्कूटी से पहुंचा, जहां उसने स्कूटी छोड़कर ट्रेन से मुंबई से बाहर निकल गया।
पुलिस ने जानकारी दी है कि स्कूटी पुणे से खरीदी गई थी, जिसकी कीमत 30 हजार रुपये थी। यह स्कूटी मूल रूप से आनंद मारोटे के नाम पर रजिस्टर्ड थी, जिसे बाद में आरोपी आदित्य गायकवाड़ को बेचा गया। इस सौदे के पैसे कथित मास्टरमाइंड शुभम लोनकर ने दिए। इसके बाद समर्थ पोमाजी के निर्देश पर सिद्धार्थ येनपुरे और स्वप्नील सकट ने स्कूटी को पुणे से लोनावाला तक पहुंचाने की कोशिश की, ताकि इसे मुख्य शूटर को सौंपा जा सके।
हालांकि, शूटर लोनावाला नहीं पहुंच सका, इसलिए स्कूटी को लगभग 10 दिन पहले मुंबई में पहुंचाया गया और अज्ञात शूटर को सौंपा गया।
जांच में यह भी सामने आया कि मुंबई में स्कूटी पहुंचाने वाले आरोपियों को पता था कि यह आपराधिक साजिश का हिस्सा है, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि निशाना रोहित शेट्टी का घर है।
समर्थ पोमाजी ने मुख्य शूटर की मदद की और शुभम लोनकर के निर्देश पर आदित्य गायकवाड़ के साथ मिलकर स्कूटी का इंतजाम किया। सभी आरोपियों का शुभम लोनकर से सीधा संपर्क था और उन्होंने सिग्नल ऐप के जरिए नियमित रूप से बातचीत की।
अब तक पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान आदित्य गायकवाड़, सिद्धार्थ येनपुरे, समर्थ पोमाजी और स्वप्नील सकट के रूप में हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मास्टरमाइंड शुभम लोनकर की तलाश जारी है।