अलंकार अग्निहोत्री का सरकार पर हमला, SC-ST एक्ट को 'काला कानून' बता दी देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
TV9 Bharatvarsh February 04, 2026 09:42 AM

इस्तीफे के बाद पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री मंगलवार को बरेली पहुंचे. बरेली पहुंचते ही उन्होंने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला. लाल फाटक स्थित परशुराम धाम पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया. हाथों में फूल-मालाएं और बैनर लिए समर्थक देखो-देखो शेर आया के नारे लगाते नजर आए.

मीडिया से बात करते हुई अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार द्वारा दिए गए आरोप पत्र को पूरी तरह हास्यास्पद बताया. उन्होंने कहा कि अगर अपने हक और अपने समाज की बात करना गुनाह है, तो यह जुर्म वे बार-बार करेंगे. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी तरह की कार्रवाई या नोटिस से डरने वाले नहीं हैं.

आरोपों को बताया गलत

अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उन्हें जो आरोप पत्र मिला है, उसमें कई तथ्य गलत हैं. उन्होंने कहा कि अपनी बात रखने को गलत ठहराया जा रहा है, जो लोकतंत्र के खिलाफ है. उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने लीगल एडवाइजर से सलाह लेकर आरोप पत्र का कानूनी जवाब देंगे.

एससी-एसटी एक्ट को बताया काला कानून, 7 फरवरी तक का अल्टीमेटम

पूर्व पीसीएस अधिकारी ने एससी-एसटी एक्ट को काला कानून बताते हुए केंद्र सरकार को 7 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया. उन्होंने कहा कि यह कानून समाज में भेदभाव को बढ़ावा दे रहा है और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है. उन्होंने मांग की कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस कानून को समाप्त किया जाए.

अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि अगर 7 फरवरी तक सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया, तो वे दिल्ली कूच करेंगे और यह आंदोलन देशव्यापी होगा. उन्होंने साफ कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की है.

समाज को बांटने वाले कानून बना रही सरकार- अग्निहोत्री

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसे कानून बना रही है, जिससे समाज बंटे और लोगों के बीच तनाव बढ़े. जब कोई इसके खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे दबाने की कोशिश की जाती है. उन्होंने कहा कि सच बोलने वालों को चुप कराने की नीति अपनाई जा रही है.

प्रशासन द्वारा दिए गए नोटिस और आरोप पत्र पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि यह सच को दबाने का तरीका है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अपने अधिकारों की बात करना अपराध हो गया है.

शंकराचार्य से मारपीट पर प्रशासन से माफी की मांग

प्रयागराज में शंकराचार्य से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने प्रशासन से सार्वजनिक माफी की मांग की. उन्होंने कहा कि बटुकों की शिखा पकड़कर मारपीट की घटना बेहद शर्मनाक है और यह सनातन परंपरा का अपमान है. उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी शंकराचार्य से मुलाकात हुई है और इस विषय पर गंभीर चर्चा हुई है.

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सनातन परंपरा के साथ इस तरह का व्यवहार जारी रहा, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस मामले में अपनी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए.

राजनीतिक दलों और नेताओं पर हमला बोलते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने उन्हें रीढ़विहीन बताया. उन्होंने कहा कि आज के नेता ऊपर से आने वाले निर्देशों के बिना कोई फैसला नहीं ले पाते. उन्होंने आरोप लगाया कि देश अब सनातनी और गैर-सनातनी विचारधारा में बंट चुका है.

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