जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बिश्नोई समाज सहित समस्त प्रदेशवासियों की आस्था के प्रतीक 'खेजड़ी' को बचाने के लिए बीकानेर में चल रहे आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। गहलोत ने इस संबंध में आज एक्स के माध्यम से कहा कि राजस्थान की पहचान और बिश्नोई समाज सहित समस्त प्रदेशवासियों की आस्था के प्रतीक 'खेजड़ी' को बचाने के लिए बीकानेर में चल रहा आंदोलन अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।
विकास के नाम पर हजारों खेजड़ी के पेड़ों की निर्मम कटाई बेहद दुखद है। अमृता देवी बिश्नोई सहित सभी 363 शहीदों की विरासत को बचाने के लिए आज फिर संत और पर्यावरण प्रेमी अनशन पर हैं। अब यह समय की जरूरत हो गई है कि पर्यावरण के मुद्दे पर सभी को गंभीर होने की आवश्यकता है।
राज्य सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर तुरंत प्रदर्शनकारियों से संवाद करना चाहिए और 'ट्री प्रोटेक्शन एक्ट' की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। हम पर्यावरण की कीमत पर ऐसा विकास स्वीकार नहीं कर सकते जो हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य अंधकारमय कर दे।
PC:firstindia
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