लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में होगा टकराव! PM मोदी के भाषण से पहले कांग्रेस ने बनाया ये प्लान
TV9 Bharatvarsh February 05, 2026 02:43 AM

बजट सत्र में कांग्रेस हर मोर्चे पर सरकार को घेरने में जुटी है. सदन में भारी हंगामा हो रहा है. इस वजह से लोकसभा में बुधवार को पीएम मोदी का भाषण नहीं हो सका. सूत्रों का कहना है कि गुरुवार को तीन बजे पीएम राज्यसभा में बोल सकते हैं. इसके लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है. कांग्रेस लोकसभा की तर्ज पर राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री के भाषण में व्यवधान डालेगी. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, याद दिला दें कि 10 जून 2004 को बीजेपी ने प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने से रोक दिया था.

दरअसल, बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अर्जेंट मीटिंग बुलाई. इसमें फैसला लिया गया है कि कांग्रेस गुरुवार सुबह इंडिया गठबंधन की बैठक जो 10 बजे खरगे के साथ है, उसमें अपनी मंशा सहयोगी दलों को बताएगी. कांग्रेस नेहरू और इंदिरा गांधी पर निशिकांत दुबे के सदन के अंदर दिए गए बयान पर भी खफा है.

कांग्रेस की राज्यसभा में हंगामा करने की रणनीति

इन सब मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने राज्यसभा में हंगामा करने की रणनीति बनाई है. कांग्रेस के फ्लोर मैनेजर सहयोगी दलों से बात कर चुके हैं. सभी दलों ने राज्यसभा में भी कांग्रेस का साथ देने का आश्वासन दिया है. पार्टी की रणनीति को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा,तीन दिन से नेता विपक्ष राहुल गांधी को संसद में बोलने से रोका जा रहा है, वे अपना भाषण खत्म नहीं कर पा रहे हैं.

विपक्ष के फ्लोर लीडर्स खरगे के चेंबर में बैठक करेंगे

जयराम ने कहा, राहुल गांधी को जानबूझकर रोका जा रहा है क्योंकि वो बहुत संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामले उठा रहे हैं.नेता विपक्ष को जिस तरह अपनी बात रखने से रोका जा रहा है, यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे.इन सभी मुद्दों को लेकर आज कांग्रेस पार्टी की बैठक हुई. कल सुबह 10 बजे विपक्ष के फ्लोर लीडर्स कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के चेंबर में बैठक करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे.

तब तक प्रधानमंत्री के बोलने का मतलब ही नहीं

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों के ऊपर बीजेपी नेताओं द्वारा अपमानजनक टिप्पणी की जा रही है. हम उसका खंडन करते हैं. हम चाहते हैं कि अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.सदन में डिबेट की शुरुआत नेता विपक्ष करते हैं और प्रधानमंत्री जवाब देते हैं. इसलिए जब तक नेता विपक्ष नहीं बोलेंगे, तब तक प्रधानमंत्री के बोलने का मतलब ही नहीं है.

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