भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज के अंतिम मुकाबले में अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आगाज से ठीक पहले, ईशान की यह पारी टीम इंडिया के लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कीवी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए मात्र 28 गेंदों में 56 रनों की पारी खेली, जिसमें 5 छक्के और 4 चौके शामिल थे। ईशान ने पावरप्ले का भरपूर फायदा उठाया और अपनी रेंज हिटिंग से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
ईशान किशन की इस पारी की सबसे बड़ी खूबी उनकी स्पिनरों के खिलाफ आक्रामकता रही। उन्होंने ईश सोढ़ी के एक ही ओवर में तीन लगातार छक्के जड़कर भारत की रन गति को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया। पिछले कुछ समय से ईशान अपनी निरंतरता को लेकर चर्चा में थे, लेकिन इस पारी ने साबित कर दिया है कि वे बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं। शुभमन गिल के साथ उनकी ओपनिंग साझेदारी ने भारत को एक ठोस शुरुआत दिलाई, जिसने बाद में मध्यक्रम को खुलकर खेलने की आजादी दी। विकेटकीपिंग में भी ईशान ने अपनी चपलता दिखाते हुए दो शानदार कैच लपके और एक स्टंपिंग की।
मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने ईशान की प्रशंसा करते हुए कहा, "ईशान जब इस मूड में होते हैं, तो उन्हें रोकना नामुमकिन है। वे टीम को वह निडर शुरुआत देते हैं जिसकी हमें वर्ल्ड कप में जरूरत है।" कोच गौतम गंभीर ने भी ईशान की तकनीक और उनके मानसिक दृष्टिकोण की सराहना की है। 27 वर्षीय ईशान अब आगामी आईसीसी टूर्नामेंट के लिए टीम की पहली पसंद के विकेटकीपर बनने की रेस में सबसे आगे निकल गए हैं। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज पर कब्जा किया और ईशान को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'इम्पैक्ट प्लेयर' का खिताब मिला। स्टेडियम में मौजूद हजारों फैंस ने 'ईशान-ईशान' के नारों से पूरे मैदान को गूंजने पर मजबूर कर दिया। उनकी यह लय टीम इंडिया के वर्ल्ड कप जीतने के सपने को और मजबूती प्रदान करेगी।