केरल में निवेशकों से कथित ठगी के एक बड़े मामले में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत जांच शुरू कर दी है. ये कार्रवाई PMLA के तहत की जा रही है. ED ने ये जांच केरल पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई FIRs के आधार पर शुरू की. ये FIRs नेदुमपरम्बिल क्रेडिट सिंडिकेट (NCS Group) के प्रमोटर्स और उसके प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ दर्ज है.
NCS ग्रुप ने ज्यादा रिटर्न का लालच देकर जमा करवाई थी बड़ी रकम
आरोप है कि NCS ग्रुप ने निवेशकों को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर उनसे बड़ी रकम जमा करवाई, लेकिन बाद में ना तो पैसा लौटाया गया और ना ही वादा किया गया मुनाफा दिया गया. ED की शुरुआती जांच में सामने आया है कि केरल के अलग-अलग जिलों में कई लोगों ने NCS ग्रुप में अपनी जमा-पूंजी लगाई थी. निवेशकों का कहना है कि तय समय पर उन्हें रिटर्न नहीं मिला और धीरे-धीरे उनका मूल पैसा भी अटक गया.
ED को बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेन-देन के सबूत मिले हैं
बैंक खातों की जांच में ED को बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेन-देन के सबूत मिले है. जांच में ये भी पाया गया कि जमा की गई रकम को कई दूसरी संबंधित कंपनियों और खातों में ट्रांसफर किया गया. इसके अलावा, भारी मात्रा में Cash Withdrawal के संकेत भी मिले है. ED को शक है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा केरल में अलग-अलग जगहों पर जमीन और अन्य अचल संपत्तियों में लगाया गया है. इसी एंगल से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है.
ED ने सर्च ऑपरेशन भी किए हैं
मामले में अहम सबूत जुटाने के लिए ED ने सर्च ऑपरेशन भी किए है. इन छापों के दौरान जरूरी दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और दूसरे सबूत जब्त किए गए है, ताकि कथित प्रोसीड्स ऑफ क्राइम यानी अपराध से कमाई गई रकम का पूरा ट्रेल पता लगाया जा सके. ED का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते है.