केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने कांग्रेस द्वारा संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शारीरिक हमले के प्रयास पर तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि यह एक शाश्वत परंपरा है कि देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का समापन करते हैं. इस साल प्रधानमंत्री मोदी के अभिभाषण में यूरोपीय संघ के साथ हाल ही में संपन्न व्यापार वार्ता की सफलता, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में हुई प्रगति और हाल ही में घोषित बजट सहित कई विषयों पर चर्चा होनी थी.
अब यह स्पष्ट हो गया है कि राहुल गांधी के निर्देशों पर कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर प्रधानमंत्री को संसद में बोलने से रोकने की योजना बना रही थी. राहुल गांधी और उनके करीबी लोग लोकसभा में प्रधानमंत्री पर शारीरिक हमला करने की योजना बना रहे थे और महिला सांसदों को भेजना इस हमले को अंजाम देने का बहाना था.
मनगढ़ंत खबरें गढ़ते हैं राहुल गांधीउन्होंने कहा कि संसद के हर सत्र से पहले, राहुल गांधी और उनके अंतरराष्ट्रीय सहयोगी मनगढ़ंत खबरें गढ़ते हैं, जिन्हें बाद में किसी मित्र अखबार में प्रकाशित कराया जाता है. इसके बाद राहुल गांधी इसका बहाना बनाकर संसद की कार्यवाही बाधित करते हैं.
भारत की प्रगति नहीं देखना चाहते राहुलBefore every Parliament session, Rahul Gandhi and his international collaborators manufacture bogus news that then gets published in a friendly newspaper. Rahul Gandhi then uses this as an excuse to disrupt Parliament. Over the past several Parliament sessions the people of our
— G Kishan Reddy (@kishanreddybjp)
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले कई संसदीय सत्रों में देश की जनता राहुल गांधी की इस कार्यप्रणाली को भलीभांति समझ चुकी है और इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि वे भारत की प्रगति नहीं देखना चाहते और एक मजबूत भारत को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं.
गुंडों की पार्टी में बदल गई कांग्रेसउन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि राहुल गांधी की साख बुरी तरह से बिगड़ चुकी है, जैसा कि चीन और पाकिस्तान के एजेंडे को लगातार बढ़ावा देने से स्पष्ट है. अब, इस तथ्य को स्वीकार न कर पाने के कारण कि देश की जनता उन्हें लगातार नकार रही है, उन्होंने कांग्रेस को गुंडों की पार्टी में बदल दिया है. पिछले कुछ दिनों में न केवल उनके खतरनाक बयानों से, बल्कि संसद में उनके बेहद परेशान करने वाले कृत्यों से भी यह बात स्पष्ट हो गई है.