पूरे 22 दिन की कड़ी टक्कर और उतार-चढ़ाव भरे दौर के बाद वो दिन आ गया है, जिसका अंडर-19 क्रिकेटर्स को इंतजार रहता है. शुक्रवार 6 फरवरी को जिम्बाब्वे के बुलावायो में अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल होने जा रहा है, जहां एक बार फिर भारत और इंग्लैंड आमने-सामने हैं. इससे पहले 2022 में भी दोनों टीम फाइनल में टकराई थीं और तब भारतीय टीम ने खिताब जीता था. इस बार भी टीम इंडिया ट्रॉफी उठाने की दावेदार है और उसके इस दावे को सबसे ज्यादा मजबूती दे रहे हैं 14 साल के स्टार ओपनर वैभव सूर्यवंशी. वैसे तो इस वर्ल्ड कप में वैभव पूरी लय में नहीं दिखे हैं लेकिन फाइनल में उनसे बड़े कमाल की उम्मीद है क्योंकि सामने उनकी पसंदीदा इंग्लैंड जो है.
गुरुवार को जब फाइनल शुरू होगा तो भारतीय टीम रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने के इरादे से उतरेगी. भारतीय टीम का ये लगातार छठा फाइनल है. उसका पिछला खिताब 2022 में आया था, जब उसने इंग्लैंड को ही हराया था. 2024 में ऑस्ट्रेलिया के हाथों फाइनल में उसे शिकस्त मिली थी. अब एक बार फिर भारतीय टीम खिताब को वापस अपने पास लेने की कोशिश करेगी. वहीं इंग्लैंड के सामने 28 साल से चला आ रहा इंतजार खत्म करने की चुनौती है. ये टीम 1998 के बाद से चैंपियन नहीं बन पाई है. साथ ही उसके पास भारत से अपना हिसाब बराबर करने का मौका है.
इंग्लैंड पर बरसता है वैभव का बल्लाइंग्लैंड की टीम भी इस बार काफी मजबूत नजर आ रही है, जहां उसके कप्तान थॉमस रियू बेहतरीन फॉर्म में हैं और सेमीफाइनल में शतक लगा चुके हैं. वहीं टीम के पेसर मैनी लम्सडेन के नाम टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट हैं. मगर इसके बावजूद इंग्लैंड के लिए ये फाइनल टेढ़ी खीर साबित होने वाला है क्योंकि उसके लिए सबसे बड़ी आफत हैं वैभव सूर्यवंशी. युवा भारतीय ओपनर ने पिछले साल ही इंग्लैंड दौरे पर इस टीम की धज्जियां उड़ाते हुए तहलका मचा दिया था.
इंग्लैंड दौरे पर तब वैभव ने 5 वनडे और 2 टेस्ट मैच में कुल मिलाकर 445 रन ठोके थे, जिसमें 32 छक्के भी शामिल थे. इसमें से भी 355 रन तो वनडे फॉर्मेट में थे, जिसमें 1 शतक और 1 अर्धशतक शामिल था. वहीं 29 छक्के इस वनडे सीरीज में वैभव ने जड़े थे. ये वर्ल्ड कप भी वनडे फॉर्मेट में खेला जाना है और ऐसे में एक बार फिर वो इंग्लैंड के लिए खतरा रहेंगे.
विहान मल्होत्रा भी कम नहींवैसे सिर्फ वैभव ही नहीं, बल्कि टीम इंडिया के उप-कप्तान विहान मल्होत्रा का रिकॉर्ड भी इंग्लैंड के खिलाफ अच्छा है. उसी सीरीज में बाएं हाथ के बल्लेबाज विहान ने 5 मैच में 243 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक शामिल था. वहीं यूथ टेस्ट में उन्होंने एक शतक और 2 अर्धशतक समेत 277 रन बनाए थे.
अंडर-19 वर्ल्ड कप की बात करें तो इस टूर्नामेंट में भी ये दोनों बल्लेबाज ही भारत के लिए सबसे सफल साबित हुए हैं. बाएं हाथ के ओपनर वैभव ने 6 पारियों में 44 की औसत और 147 के स्ट्राइक रेट के साथ भारत के लिए सबसे ज्यादा 264 रन बनाए हैं. उन्होंने इस दौरान सेमीफाइनल समेत 3 मैच में अर्धशतक जड़े. वहीं विहान ने 6 पारियों में 70 की औसत से 210 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक शामिल है.