Instagram Reels Monetization: सोशल मीडिया के इस दौर में कंटेंट क्रिएशन सिर्फ शौक नहीं, बल्कि एक फुल टाइम करियर बन चुका है. आए दिन हम इंस्टाग्राम पर ऐसे हजारों वीडियो देखते हैं जिन पर लाखों और करोड़ों में व्यूज होते हैं. जब भी किसी रील पर अच्छे व्यूज दिखते हैं, तो एक आम यूजर के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इस वीडियो को बनाने वाले ने इससे कितना पैसा कमाया होगा? क्या यूट्यूब की तरह इंस्टाग्राम भी व्यूज गिनकर पैसे देता है? अगर आप भी अपनी रील्स के जरिए कमाई करने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए इस प्लेटफॉर्म के कमाई के गणित को समझना बेहद जरूरी है.
क्या व्यूज के बदले सीधे पैसे देता है इंस्टाग्राम?सबसे पहले इस भ्रम को दूर करना जरूरी है कि इंस्टाग्राम यूट्यूब की तरह काम करता है. यूट्यूब पर विज्ञापन और व्यूज का सीधा कनेक्शन होता है जिससे क्रिएटर्स को पैसा मिलता है, लेकिन इंस्टाग्राम का मॉडल भारत में थोड़ा अलग है. तकनीकी रूप से देखें तो इंस्टाग्राम के पास ‘Reels Play Bonus’ जैसा प्रोग्राम मौजूद है, जो व्यूज के आधार पर पैसे देता है, लेकिन फिलहाल यह सुविधा भारतीय क्रिएटर्स के लिए पूरी तरह से सक्रिय नहीं है. भारत में अभी भी इंस्टाग्राम सीधे तौर पर व्यूज के बदले बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर नहीं करता है. यानी अगर आपकी रील पर मिलियन व्यूज भी आ जाएं, तो जरूरी नहीं कि इंस्टाग्राम की तरफ से आपको कोई पेआउट मिले.
फिर इंस्टाग्राम से कमाई होती कैसे है?भारत में इंस्टाग्राम से कमाई का मुख्य जरिया ‘ब्रांड पार्टनरशिप’ या ‘स्पॉन्सरशिप’ है. जब आपकी रील्स पर लगातार अच्छे व्यूज आने लगते हैं और लोग आपके कंटेंट पर कमेंट या शेयर करते हैं, तो आप ब्रांड्स की नजर में आते हैं. कंपनियां यह देखती हैं कि आपके पास एक ऐसी ऑडियंस है जो आपकी बात सुनती है. ऐसे में, ब्रांड अपने प्रोडक्ट के प्रचार के लिए आपसे संपर्क करते हैं. यहां पैसा व्यूज का नहीं, बल्कि आपके ‘प्रभाव’ (Influence) का मिलता है. आपकी वीडियो जितनी ज्यादा वायरल होगी, ब्रांड्स को उतनी ज्यादा रीच मिलेगी, और इसी बात के लिए वे आपको भुगतान करते हैं.
10 से 20 हजार व्यूज पर कितनी बन सकती है रकम?अब बात करते हैं आंकड़ों की. कमाई की राशि पूरी तरह से आपके फॉलोअर्स की संख्या और आपके कंटेंट की कैटेगरी पर निर्भर करती है. बाजार के मौजूदा ट्रेंड को देखें तो, अगर आप एक माइक्रो-इन्फ्लुएंसर (Micro-Influencer) हैं और आपकी रील पर औसतन 10 से 20 हजार व्यूज आते हैं, तो आप एक प्रमोशनल वीडियो के लिए 500 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक चार्ज कर सकते हैं.
यह रेट फिक्स नहीं होता. अगर आपकी ऑडियंस बहुत एक्टिव है और आपके द्वारा बताए गए प्रोडक्ट्स को खरीदती है, तो यह रकम बढ़ भी सकती है. वहीं, जिन क्रिएटर्स के पास लाखों में फॉलोअर्स हैं, वे एक ही रील के लिए हजारों या लाखों रुपये तक वसूलते हैं.
एफिलिएट मार्केटिंग है कमाई का दूसरा बड़ा जरियासिर्फ ब्रांड डील्स ही नहीं, बल्कि ‘एफिलिएट मार्केटिंग’ भी कमाई का एक मजबूत रास्ता है. आपने अक्सर क्रिएटर्स को अपनी स्टोरी या बायो में किसी प्रोडक्ट का लिंक देते हुए देखा होगा. यह तरीका कमीशन पर आधारित है. जब आप अपनी रील में किसी प्रोडक्ट का रिव्यू करते हैं और बायो में उसका लिंक देते हैं, तो उस लिंक के जरिए होने वाली हर खरीदारी पर आपको एक निश्चित हिस्सा मिलता है. छोटे क्रिएटर्स के लिए, जिनके पास अभी बड़े ब्रांड्स नहीं आ रहे हैं, यह कमाई शुरू करने का सबसे बेहतरीन तरीका साबित हो रहा है.