बरेली के सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ चार्जशीट जारी, लगे ये 3 बड़े आरोप
Himachali Khabar Hindi February 07, 2026 01:42 AM

सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को इस्तीफा दिया था.

बरेली के सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्नहोत्री की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ चार्जशीट जारी कर दी गई है. इसे तामील के लिए शामली के DM को भेज दिया गया है. बता दें कि अलंकार अग्निहोत्री ने नए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) नियमों से कथित तौर पर आहत होने का हवाला देते हुए इस्तीफे की घोषणा की थी. बरेली कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी इस मामले की जांच कर रहे हैं.

कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि चार्जशीट 4 फरवरी को राज्य सरकार के नियुक्ति अनुभाग से मिली थी और अगले दिन इसे अलंकार अग्निहोत्री को तामील कराने के लिए शामली के DM को भेज दिया गया. कमिश्नर के अनुसार, यह दस्तावेज़ कोर्ट में दायर की गई आपराधिक चार्जशीट के बजाय एक प्रशासनिक चार्जशीट है. यह चार्जशीट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के तहत जारी की गई है.

26 जनवरी को अलंकार अग्निहोत्री ने दिया था इस्तीफा

अलंकार अग्निहोत्री को 26 जनवरी को उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया था. उसी दिन उन्होंने इस्तीफा दिया था. इसके बाद उन्हें शामली के DM ऑफिस से अटैच कर दिया गया था. बरेली कमिश्नर ने अलंकार अग्निहोत्री को अपना जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया है.

-

क्या बोले बरेली कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी?

कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी ने कहा, “अगर तय समय में कोई जवाब नहीं मिलता है तो यह मान लिया जाएगा कि उनके पास अपने बचाव में कहने के लिए कुछ नहीं है,” उन्होंने आगे कहा कि जांच रिपोर्ट तय समय सीमा के भीतर सरकार को सौंप दी जाएगी. अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस पर नए UGC नियमों और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कथित अपमान को लेकर प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) से इस्तीफा दे दिया था और आरोप लगाया था कि सरकार “ब्राह्मण विरोधी” है.

DM की सिफारिश के बाद कार्रवाई

अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली DM अविनाश सिंह पर उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाने का भी आरोप लगाया था और कलेक्ट्रेट गेट पर विरोध प्रदर्शन किया था. DM अविनाश सिंह की अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया और विभागीय जांच का आदेश दिया.

चार्जशीट में लगे ये 3 आरोप

कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी के अनुसार, चार्जशीट में तीन मुख्य आरोप शामिल हैं. पहला- केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देना. दूसरा- सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद जाति आधारित टिप्पणी करना और तीसरा- सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करते हुए विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी में भाग लेना. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। राज्य सरकार के निर्देशानुसार बरेली कमिश्नर द्वारा जांच की जा रही है.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.