'58,00,00,00,00,000 का निवेश....' AI की जंग में बिग टेक कम्पनियां पानी की तरह बहाएंगी पैसा, भारत के बजट जितना होगा खर्च
Samachar Nama Hindi February 07, 2026 02:44 AM

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ़ एक टेक्नोलॉजी नहीं रही; यह एक मल्टी-बिलियन डॉलर की रेस बन गई है। इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया की चार सबसे बड़ी टेक कंपनियाँ – गूगल, अमेज़न, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट – 2026 में AI पर उतना खर्च करने वाली हैं, जितना भारत सरकार पूरे देश पर खर्च करती है। यह आंकड़ा टेक इंडस्ट्री की बदलती प्राथमिकताओं और उसके भविष्य की दिशा को दिखाता है। कंपनियाँ अब AI के साथ सिर्फ़ एक्सपेरिमेंट नहीं कर रही हैं; वे ज़ोरदार इन्वेस्टमेंट मोड में हैं।

AI पर $650 बिलियन का मेगा दांव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 में गूगल, अमेज़न, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट मिलकर AI और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग $650 बिलियन (लगभग ₹58 लाख करोड़) खर्च कर सकती हैं। तुलना के लिए, भारत सरकार का कुल सालाना बजट खर्च लगभग $670 बिलियन होने का अनुमान है। इसका मतलब है कि सिर्फ़ चार कंपनियों का AI इन्वेस्टमेंट एक बड़े देश के सालाना खर्च के बराबर है। यह इन्वेस्टमेंट प्लान किया गया कैपिटल एक्सपेंडिचर है, और टेक कंपनियाँ अक्सर अपने बजट से ज़्यादा खर्च कर देती हैं। यह साफ़ दिखाता है कि AI अब उनके लिए कोई साइड प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि उनका कोर बिज़नेस बन गया है।

अलग-अलग कंपनियों के लिए अनुमानित खर्च के आंकड़े भी सामने आए हैं। अमेज़न अपने AWS क्लाउड और AI क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए $200 बिलियन तक के कैपिटल एक्सपेंडिचर की योजना बना रहा है। गूगल की पेरेंट कंपनी, अल्फाबेट ने $175 से $185 बिलियन के बीच खर्च करने का संकेत दिया है। मेटा ने $115 से $135 बिलियन के बीच इन्वेस्टमेंट का अनुमान लगाया है। माइक्रोसॉफ्ट का खर्च लगभग $120 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। इसका एक बड़ा हिस्सा AI डेटा सेंटर, हाई-एंड सर्वर और स्पेशलाइज़्ड चिप्स पर खर्च होगा।

पैसा कहाँ जाएगा और इतनी तेज़ी से क्यों
यह भारी इन्वेस्टमेंट मुख्य रूप से AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में जाएगा। इसमें बड़े डेटा सेंटर, GPU सर्वर, नेटवर्किंग सिस्टम और एडवांस्ड प्रोसेसर शामिल हैं जो चैटबॉट, इमेज जेनरेटर और एंटरप्राइज़ AI टूल्स को पावर देते हैं। टेक कंपनियों का मानना है कि AI इंडस्ट्री अब एक अहम मोड़ पर है। जो कंपनी यहाँ बढ़त हासिल करेगी, वह लंबे समय तक बाज़ार पर अपनी पकड़ बनाए रख पाएगी। अमेज़न के CEO ने यह भी कहा है कि भविष्य के हर कस्टमर अनुभव को AI के साथ रीडिज़ाइन किया जाएगा, जिससे ज़ोरदार इन्वेस्टमेंट ज़रूरी हो जाता है।

AI इन्वेस्टमेंट और टेक कर्मचारियों के लिए चिंताएँ
AI पर बढ़ता खर्च टेक कर्मचारियों को मिले-जुले संकेत दे रहा है। Amazon ने बड़े AI इन्वेस्टमेंट प्लान की घोषणा करते हुए हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। हाल के महीनों में, Microsoft और Meta सहित कई कंपनियों ने भी छंटनी की है। कंपनियाँ आधिकारिक तौर पर AI खर्च को छंटनी से नहीं जोड़ती हैं, लेकिन वे स्ट्रेटेजिक फोकस बदलने की बात करती हैं। इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स का मानना है कि जैसे-जैसे AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ेगा, कंपनियाँ ह्यूमन रिसोर्स की लागत कम करने की कोशिश कर सकती हैं। इस बात की भी चिंता है कि भविष्य में कर्मचारियों के बजाय GPUs और सर्वर को ज़्यादा प्राथमिकता दी जा सकती है।

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