उत्तराखंड के बागेश्वर में भूकंप के झटके, लोगों में हड़कंप
Samachar Nama Hindi February 07, 2026 02:44 AM

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। सबसे ज्यादा झटके बागेश्वर जिले और इसके आसपास के इलाकों में महसूस किए गए। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.4 दर्ज की गई है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे अचानक जमीन हिलने लगी, जिससे घरों और दुकानों में हलचल मची। कुछ लोग खिड़कियों और दरवाजों से बाहर निकलकर सुरक्षा की तलाश में दौड़े। “जमीन हिलने के कुछ सेकंडों में ही घर में सामान गिरने लगा। हम सब डर के मारे बाहर निकल आए। शुक्र है कि नुकसान नहीं हुआ,” एक स्थानीय निवासी ने कहा।

भूकंप के झटके महसूस होने के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क हो गए। अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। उन्होंने लोगों से शांत रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की।

भूकंप विज्ञानियों का कहना है कि उत्तराखंड एक भूकंप-संवेदनशील क्षेत्र में आता है। पर्वतीय इलाकों में अक्सर हल्के और मध्यम तीव्रता के झटके महसूस किए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर 3.4 की तीव्रता वाला भूकंप सामान्य रूप से हल्के झटकों के रूप में महसूस होता है और आमतौर पर गंभीर नुकसान नहीं करता।

हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने सभी जिलों में मॉनिटरिंग बढ़ा दी है और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। स्कूलों और सार्वजनिक भवनों में भी सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जा रही है। “हमने सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल को लागू किया है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए तैयार हैं,” आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया।

स्थानीय लोग भूकंप के इस झटके से भयभीत हैं। उनका कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में भूकंप की चेतावनी हमेशा बनी रहती है, लेकिन हर झटके के साथ सतर्कता जरूरी होती है। “हम जानते हैं कि उत्तराखंड भूकंप-प्रवण क्षेत्र है, इसलिए हर झटके पर सावधान रहना ही बेहतर है,” एक स्थानीय निवासी ने कहा।

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि भूकंप आने पर सुरक्षित स्थान पर जाएं, भारी वस्तुओं के पास न खड़े हों, और झटकों के दौरान घबराएँ नहीं। साथ ही उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में छोटे झटके समय-समय पर आते रहते हैं और ज्यादातर मामलों में यह सामान्य प्रक्रिया होती है।

इस झटके ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में भूकंप के प्रति जागरूकता और तैयारी कितना महत्वपूर्ण है। जबकि इस बार नुकसान की खबर नहीं आई, यह घटनाक्रम लोगों के लिए सतर्कता की चेतावनी है।

भूकंप की तीव्रता: 3.4 रिक्टर
मुख्य प्रभावित क्षेत्र: बागेश्वर और आसपास के इलाके
जान-माल का नुकसान: नहीं

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.