News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को स्ट्रेचर पर IGIMS से PMCH ले जाया गया। शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे पटना पुलिस ने उनके मंदिरी स्थित आवास पर दबिश दी और उन्हें 1995 के एक पुराने जालसाजी मामले में गिरफ्तार कर लिया।1. IGIMS से PMCH शिफ्ट क्यों किया गया?गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव ने सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें रात में ही IGIMS ले जाया गया।बेड न मिलने का आरोप: सांसद के निजी सचिव और समर्थकों ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि IGIMS में उन्हें रात भर स्ट्रेचर पर रखा गया और बेड तक उपलब्ध नहीं कराया गया।बेहतर इलाज का हवाला: शनिवार सुबह डॉक्टरों की सलाह और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने उन्हें बेहतर निगरानी के लिए PMCH रेफर कर दिया। फिलहाल विशेषज्ञों की एक टीम उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है।2. किस मामले में हुई गिरफ्तारी? (The 1995 Case)यह मामला लगभग 31 साल पुराना है, जो पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज हुआ था (IPC की धारा 419, 420, 467, 468)।आरोप: आरोप है कि 1995 में पप्पू यादव ने पटना के एक मकान पर जबरन कब्जा किया था और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उसे अपना कार्यालय बनाने की कोशिश की थी।वारंट: हाल ही में विशेष MP-MLA कोर्ट ने इस मामले में उनके खिलाफ कुर्की-जब्ती और गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था, जिसे तामील करने पुलिस पहुंची थी।3. अब पुलिस और पप्पू यादव के पास क्या विकल्प हैं?पक्षसंभावित कदम (Legal Options)पुलिस (Police)तबीयत में सुधार होते ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस उनकी कस्टडी (Remand) की मांग कर सकती है।सांसद (MP)पप्पू यादव के वकील तत्काल नियमित जमानत (Regular Bail) के लिए याचिका दायर करेंगे।ऊपरी अदालतअगर निचली अदालत से राहत नहीं मिलती, तो वे हाई कोर्ट में 'गिरफ्तारी पर रोक' या 'केस को रद्द' करने (Quashing) की अपील कर सकते हैं।मेडिकल ग्राउंडखराब स्वास्थ्य को आधार बनाकर वे जेल के बजाय अस्पताल में ही न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) की मांग कर सकते हैं।4. 'साजिश' के आरोपों से गरमाई सियासतपप्पू यादव ने अपनी गिरफ्तारी को एक बड़ी राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे पिछले कुछ दिनों से 'नीट (NEET) बेटी' और 'गर्ल्स हॉस्टल कांड' जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर रहे थे, इसलिए उन्हें पुराने केस के जरिए चुप कराने की कोशिश की जा रही है। यूपी के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी उनकी गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे 'बदले की राजनीति' करार दिया है।