अमेरिका के साथ ट्रेड डील में भारत ने कृषि और डेयरी सेक्टर में नहीं किया कोई समझौता : पीयूष गोयल
Samachar Nama Hindi February 07, 2026 09:44 PM

नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया है और संवेदनशील क्षेत्र जैसे डेयरी, मांस, मुर्गी पालन, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, अनाज, चीनी, बाजरा, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी जैसे फल, खट्टे फल, हरी मटर, मूंग और तिलहन में कोई छूट नहीं दी है।

प्रेस वार्ता में आईएएनएस के सवाल पर गोयल ने कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम समझौते के ढांचे के माध्यम से भारतीय वस्तुओं के लिए प्राथमिकता पर पहुंच सुनिश्चित की है।

गोयल ने कहा, "भारत ने अपने डेयरी सेक्टर को पूरी तरह सुरक्षित रखा है और किसी भी शर्त पर छूट नहीं दी है।"

उन्होंने बताया कि अब कई भारतीय उत्पाद, जैसे चाय, मसाले, नारियल तेल, वनस्पति मोम, सुपारी, ब्राजील नट्स, शाहबलूत और विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां, बिना किसी शुल्क के अमेरिका को निर्यात किए जा सकेंगे।

गोयल के अनुसार, जड़ वाली सब्जियां, अनाज, जौ, बेकरी उत्पाद, कोको उत्पाद, तिल, खसखस और खट्टे फलों के रस पर भी कोई शुल्क नहीं लगेगा और अब ये अमेरिकी बाजार में बिना किसी शुल्क के प्रवेश करेंगे।

उन्होंने आगे जोर दिया कि यह व्यापार समझौता किसानों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाता है और इसका उद्देश्य निर्यात के अवसरों को बढ़ाते हुए उनकी आजीविका की रक्षा करना है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि सरकार लगातार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखकर कार्य कर रही है। इस व्यापार समझौते में कई कृषि उत्पादों जैसे मसालों, चाय, कॉफी और उससे जुड़े उत्पाद, नारियल और नारियल तेल, काजू और अन्य उत्पादों का जीरो ड्यूटी पर निर्यात होगा।

इसके अलावा, रत्न और आभूषण, फार्मा उत्पादों और स्मार्टफोन का ड्यूटी पर निर्यात हो पाएगा।

उन्होंने कहा कि यह समझौता निष्पक्ष और संतुलित है और भारत-अमेरिका व्यापार समझौता किसानों की रक्षा करता है, निर्यातकों को समर्थन देता है और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करता है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी व्यापार संबंधों को मजबूत करेगी, निर्यात को बढ़ावा देगी और दोनों पक्षों के व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।

गोयल ने जोर देकर कहा, “मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह भारत-अमेरिका समझौता भारत के किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों या हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्रों के हितों को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाता है।”

--आईएएनएस

एबीएस/

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