पंजाब सरकार ने दो सीनियर IAS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. सरकार ने जिन दो अधिकारियों को सस्पेंड किया है, उनमें कमल किशोर यादव और जसप्रीत सिंह शामिल हैं. दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के सस्पेंड की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू की गई है. सीएम भगवंत मान सरकार की यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.
सरकार के आदेश के अनुसार, IAS अधिकारी कमल किशोर यादव, जो उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में प्रशासनिक सचिव के पद पर तैनात थे. उन्हें ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के नियम 3(1) के तहत सस्पेंड किया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय चंडीगढ़ रहेगा और उन्हें नियमों के अनुसार गुजारा भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा. वहीं दूसरी कार्रवाई में आईएएस अधिकारी जसप्रीत सिंह, जो पंजाब इन्फोटेक (Punjab INFOTECH) के मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे. उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय भी चंडीगढ़ निर्धारित किया गया है.
जानें क्यों हुई कार्रवाईबताया जा रहा है कि सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, दोनों अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक आधार पर कार्रवाई की गई है. IAS कमल किशोर यादव और जसप्रीत सिंह अधिकारियों को सस्पेंड करने के साथ ही एक अतिरिक्त मुख्य सचिव और एक संयुक्त सचिव का भी तबादला किया गया है. वहीं, जालंधर में शुक्रवार सुबह आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या के बाद से पंजाब सरकार विपक्ष के निशाने पर है. अकाली दल और बीजेपी सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं. दोनों दलों के नेताओं ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में बदमाश बेलगाम हो चुके हैं.
सुखबीर सिंह बादल ने AAP सरकार पर बोला हमलाअकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए पंजाब सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने लिखा, ‘पंजाब आम आदमी पार्टी की ‘जीरो फियर’ सरकार में खून से लथपथ हो चुका है. हालात इतने खराब हैं कि अब तो आप के नेता भी अपनी ही सरकार में सुरक्षित नहीं हैं. जालंधर में एक गुरुद्वारे के बाहर आम आदमी पंजाब के नेता लक्की ओबेरॉय की दिनदहाड़े हत्या इस बात का सबूत है.’

सुखबीर सिंह बादल ने आगे लिखा, ‘साल के पहले हफ्ते में 9 हत्याओं के बाद, अकेले जनवरी 2026 में लगभग 25 हत्याएं हुई हैं. ये हर जगह हो रही हैं, चाहे वह कोर्ट कॉम्प्लेक्स हो, व्यस्त बाजार हो, शादी की जगह हो या गुरुद्वारा साहिब के बाहर हो. भगवंत मान, आप एक दिन भी कुर्सी पर रहने के लायक नहीं हैं.’