दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में वकील के साथ मारपीट किए जाने के मामले में सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. दिल्ली हाई कोर्ट के तीन सबसे सीनियर जजों की बेंच ने सुनवाई की. कोर्ट ने घटना पर सख्त रुख अपनाते हुई, संबंधित DCP से पीड़ित वकील को सुरक्षा मुहैया कराने और निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपने निर्देश दिए हैं. साथ ही कोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से भी जवाब मांगा है.
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस वी कामेश्वर राव और नितिन साम्ब्रे की बेंच ने कहा कि कोर्ट इस मामले की सुनवाई 24 फरवरी को करेगा. सुनवाई के दौरान एडिशन सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि दिल्ली पुलिस को फैक्ट्स पता हैं. DCP नॉर्थ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े हैं. ऐसा लगता है कि इसका कोई बैकग्राउंड है. इसके पीछे कुछ तो है. वकील की सिक्योरिटी या कोर्ट की कार्यवाही की प्रॉप्राइटी को ब्रीच नहीं किया जा सकता.
इस मामले में दिल्ली सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल (क्रिमिनल) एक्शन लिया जा रहा है, FIR रजिस्टर की जाएगी.
कोर्ट ने कहा कि एक वकील को पीटा गया और उसके साथ बदसलूकी की गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट रूम का गेट बंद कर दिया गया था. वकीलों के बर्ताव के बारे में क्या? ASG ने कहा कि अगर कोर्ट में वकीलों के बीच हाथापाई हुई है, तो यह कंडक्ट रूल्स का उल्लंघन है. दिल्ली पुलिस के DCP ने कोर्ट को बताया कि हमें दोनों तरफ से शिकायतें मिली हैं. MLC की कार्रवाई हो रही है, हम FIR दर्ज करेंगे. CCTV फुटेज वगैरह के आधार पर अगर कुछ और करने की जरूरत हुई, तो हम करेंगे.
कोर्ट ने DCP से किए कई सवालकोर्ट ने DCP से पूछा कि कोर्ट में सिक्योरिटी बेहतर करने के बारे में क्या ख्याल है? DCP ने कहा कि हम डिस्ट्रिक्ट जज से मिलेंगे और देखेंगे कि सिक्योरिटी कैसे बेहतर की जा सकती है. कोर्ट ने पूछा कि उस वकील की सिक्योरिटी के बारे में क्या ख्याल है जिसने हमारे सामने यह मामला उठाया था? DCP ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने कोई सिक्योरिटी नहीं मांगी है.
कोर्ट ने कहा कि हम आपको निर्देश दे रहे हैं कि आप पीड़ित वकील 24 सिक्योरिटी दें, कम से कम तब तक जब तक हमें आपसे और डिस्ट्रिक्ट जज से रिपोर्ट नहीं मिल जाती.
कोर्ट ने DCP को निर्देश दिया कि किसी भी तरफ से बिना दबाव के मामले की जांच करें. बिल्कुल स्वतंत्र तरीके से ताकि हम सच्चाई का पता लगा सकें और उसके अनुसार कार्रवाई कर सकें. जांच ACP द्वारा संबंधित DCP की सीधी निगरानी में की जाएगी. आपको बता दें कि सोमवार सुबह सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की कोर्ट के सामने मामले को उठाया गया था.