हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र और विशेष त्योहारों में से एक माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. महाशिवरात्रि के दिन व्रत, पूजा और रात्रि जागरण करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी को रखा जाएगा. मान्यता है कि इस रात कुछ खास गुप्त उपाय करने से आर्थिक तंगी, पारिवारिक समस्याएं और जीवन के संकट दूर हो सकते हैं.
महाशिवरात्रि 2026, शुभ मुहूर्त और तिथिअगर पैसा हाथ में नहीं टिकता या व्यापार में घाटा हो रहा है, तो महाशिवरात्रि की रात को शिवलिंग पर गन्ने के रस से अभिषेक करें. अभिषेक करते समय ॐ नमः शिवाय का जाप करते रहें. माना जाता है कि इससे दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मी का वास होता है.
कर्ज से मुक्ति के लिएभारी कर्ज के बोझ से दबे लोगों को महाशिवरात्रि की रात को शिवलिंग पर अक्षत (बिना टूटे हुए चावल) अर्पित करने चाहिए. ध्यान रहे कि चावल का एक भी दाना टूटा हुआ न हो.
सुख-शांति और गृह क्लेश के लिएयदि घर में हमेशा तनाव रहता है, तो शिवरात्रि की शाम को घर के मंदिर में गाय के घी का दीपक जलाएं और उसमें दो कपूर डाल दें. इसके बाद पूरे घर में शिव चालीसा का पाठ करें. इससे नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है.
बीमारियों से छुटकारे के लिएलंबे समय से बीमार व्यक्ति को महाशिवरात्रि की रात को जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करने चाहिए. महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करना इस दिन अचूक फल देता है.
महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्वशास्त्रों के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात भगवान शिव बहुत ही प्रसन्न मुद्रा में रहते हैं. इस दिन की गई पूजा, जप और उपाय का कई गुना फल मिलता है. भक्त पूरी श्रद्धा से शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.