अमेरिकी ट्रेड डील पर भड़के किसान, भारत बंद का किया आह्वान, AAP ने दिया समर्थन
TV9 Bharatvarsh February 12, 2026 06:42 AM

भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर किसान संगठनों में खासी नाराजगी है. जिसके चलते संयुक्त किसान मोर्चा और देश की 10 प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने समझौते के विरोध में आज (गुरुवार,12 फरवरी ) को देशव्यापी भारत बंद का आह्वान किया है. इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने बंद को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है.

आम आदमी पार्टी पंजाब यूनिट ने विरोध प्रदर्शन को समर्थन देते हुए बीजेपी की केंद्र सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों और किसान-विरोधी आर्थिक फैसलों की निंदा की. साथ ही घोषणा की कि पंजाब और देश के बाकी हिस्सों में उसके कार्यकर्ता मजदूरों और किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बंद में शामिल होंगे.

भारत बंद को AAP का समर्थन

AAP ने 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के बुलाए गए देशव्यापी भारत बंद को समर्थन देते हुए कहा कि यह विरोध देश भर के लाखों मेहनतकश लोगों के न्याय, सम्मान और अधिकारों के लिए एक बड़ा संघर्ष है. पार्टी का कहना है कि AAP मजदूरों, किसानों और कारोबारियों का डट कर साथ देगी. आज आम आदमी पार्टी द्वारा पंजाब के हर जिले में बंद का समर्थन किया जाएगा.

‘पार्टी किसानों के साथ खड़ी है’

AAP प्रवक्ताओं का कहना है कि किसान संगठनों द्वारा भारत बंद को दिया गया समर्थन यह साबित करता है कि बीजेपी की आर्थिक नीतियों ने न केवल मजदूरों को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि किसानों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है. AAP नेताओं ने कहा कि पार्टी हमेशा मजदूरों, किसानों और आम लोगों के अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरी है. उन्होंने बताया कि पंजाब में AAP सरकार ने मजदूरों की मिनिमम मजदूरी बढ़ाई है, किसानों से गेहूं और धान की फसल समय पर खरीदी पक्का किया है और आम लोगों को फ्री बिजली, हेल्थ केयर सर्विस और शिक्षा जैसी सुविधाएं दी हैं, जिससे पता चलता है कि कौन सी पार्टी सच में लोगों के लिए खड़ी है.

केंद्र सरकार पर AAP का हमला

आम आदमी पार्टी का कहना है कि बीजेपी की केंद्र सरकार ने नए लेबर कोड लागू करके मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला किया है. इन नए कोड ने जॉब सिक्योरिटी कम कर दी है, कानूनी सुरक्षा के नियमों को कमजोर कर दिया है और नौकरी पर रखने और निकालने के मामलों में मालिकों को बिना रोक-टोक की आज़ादी दे दी है, जिससे करोड़ों मेहनती लोगों के अधिकार और हित गंभीर खतरे में पड़ गए हैं.

वहीं केंद्र की नीतियों पर आपत्ति जताते हुए AAP ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार अडानी और अंबानी जैसे अपने पसंदीदा कॉर्पोरेट घरानों के मुनाफे को बचाने के लिए मजदूरों के अधिकार छीन रही है. पार्टी ने कहा कि नए लेबर कोड के तहत मालिकों को बिना किसी जवाबदेही के मजदूरों को निकालने की खुली आजादी दी गई है, जबकि किसानों को उनकी फसलों का सही दाम नहीं दिया जा रहा है. पार्टी ने कहा कि इसी वजह से दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों को मिलकर भारत बंद का आह्वान करने के लिए मजबूर होना पड़ा .

बंद को सफल बनाने की अपील

AAP ने पंजाब और पूरे देश के सभी मजदूरों, किसानों, दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों से आज भारत बंद को शांतिपूर्ण तरीके से सफल बनाने की अपील की.AAP ने कहा कि यह बंद किसी एक पॉलिटिकल पार्टी के बारे में नहीं है, बल्कि करोड़ों मेहनतकश लोगों के आत्म-सम्मान, न्याय और अधिकारों के बारे में है. पार्टी ने कहा कि AAP इस संघर्ष में सबसे आगे खड़ी है. इसके साथ ही AAP नेताओं ने यह भी कहा कि अगर बीजेपी सरकार मजदूरों और किसानों की जायज मांगों को मानने में नाकाम रहती है, तो AAP संघर्ष के अगले दौर में भी मेहनतकश लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी.

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