देशभर में तेजी से बन रहे एक्सप्रेसवे ने सफर को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है. जिससे कहीं आना जाना पहले की तुलना में बहुत आसान हो गया है. वहीं एक्सप्रेसवे पर सफर के लिए सरकार टोल टैक्स भी वसूलती है. एक्सप्रेसवे पर सफर के लिए सरकार हाईवे से 25 प्रतिशत ज्यादा टैक्स वसूलती है. हालांकि निर्माण अधिनियम एक्सप्रेसवे के छोटे हिस्से खुलने के बाद भी यात्रियों से प्रीमियम दर पर टोल वसूले जाने को लेकर लंबे समय से शिकायत होती रही है. वहीं अब केंद्र सरकार ने इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है, जिससे वाहन चालकों को सीधी राहत मिलेगी. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि एक्सप्रेसवे अधूरा बना हुआ है, तो क्या टोल टैक्स वसूला जा सकता है और इसे लेकर सरकारी नियम क्या है?
एक्सप्रेसवे पर टोल को लेकर क्या है नया नियम?
दरअसल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम 2008 में संशोधन किया है. नए प्रावधान के अनुसार अगर कोई नेशनल एक्सप्रेसवे पूरी तरह एंड टू एंड यानी एक छोर से दूसरे छोर तक शुरू नहीं हुआ है, तो उसके चालू हिस्से पर टोल नॉर्मल नेशनल हाईवे की दर से लिया जाएगा. यानी अधूरे एक्सप्रेसवे पर 25 प्रतिशत ज्यादा प्रीमियम टोल नहीं वसूला जाएगा.
पहले देना पड़ता था ज्यादा टोल
अब तक नियम यह था कि एक्सप्रेसवे पर टोल सामान्य हाईवे से करीब 25 प्रतिशत ज्यादा होता है. इसकी वजह बेहतर सड़क, कम ट्रैफिक और बिना रुकावट सफर की सुविधा मानी जाती है. लेकिन कई बार निर्माण कार्य जारी रहने या सड़क का केवल कुछ हिस्सा खुला होने के बावजूद यात्रियों से पूरी दर वसूली जाती थी. इस विसंगति को दूर करने के लिए यह बदलाव किया गया है. वहीं आपको बता दें कि सरकार के अनुसार यह नया नियम 15 फरवरी 2026 से लागू होगा. यह रियायती व्यवस्था एक साल तक या फिर एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने तक प्रभावी रहेगी. वहीं एक बार पूरा प्रोजेक्ट शुरू हो जाने पर फिर से प्रीमियम टोल दरें लागू हो जाएगी.
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
नए नियम के बाद निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे के खुले हिस्सों पर सफर करने वालों को कम टोल देना होगा. इससे फास्टैग के जरिए कटने वाली राशि भी घटेगी. वहीं सरकार का मानना है कि कम टोल होने से लोग अधूरे लेकिन चालू एक्सप्रेसवे का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे, इससे पुराने हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, सफर तेज होगा और जाम कम होने से प्रदूषण में भी कमी आएगी.
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