पाकिस्तान में आर्थिक संकट गहराया, अदालतों में भी खर्च कटौती के बड़े फैसले
TV9 Bharatvarsh March 11, 2026 07:42 AM

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर दुनिया के तमाम देशों पर भी पड़ रहा है. तीन देशों के बीच छिड़ी इस जंग से दुनिया भर में तेल और गैस (ईंधन) की कमी होने लगी है. पाकिस्तान पर भी इसका खासा प्रभाव दिख रहा है, जिससे वहां के हालात बेहद खराब होते नजर आ रहे हैं.

गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में अब अदालतों ने भी खर्च कम करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. संघीय सरकार के बाद अब देश की न्यायपालिका ने भी खर्च में कटौती के उपाय लागू करने का फैसला किया है. राष्ट्रीय न्यायिक नीति समिति के फैसले के अनुसार अब देशभर के हाई कोर्ट और जिला अदालतें सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही नियमित काम करेंगी.

क्या-क्या बदलेगा
  • देश के सभी हाई कोर्ट चार दिन नियमित काम करेंगे, जबकि शुक्रवार और शनिवार को सिर्फ जरूरी मामलों की सुनवाई होगी.
  • जिला अदालतों में भी सप्ताह में चार दिन ही काम होगा.
  • हाई कोर्ट के जजों के लिए ईंधन खर्च में 50 प्रतिशत कटौती की जाएगी.
  • न्यायिक अधिकारियों के ईंधन खर्च में 25 प्रतिशत कटौती होगी.
  • हाई सिक्योरिटी इलाकों में जजों के साथ अतिरिक्त प्रोटोकॉल गाड़ियां नहीं चलेंगी.
  • खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में जज स्थानीय सुरक्षा हालात के अनुसार व्यवस्था करेंगे.
  • वकीलों को वीडियो लिंक के जरिए अदालत में पेश होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
सेना पर लागू नहीं होंगे नियम

सूत्रों के मुताबिक ये खर्च कटौती के नियम पाकिस्तानी सेना और उसके कमांडरों पर लागू नहीं होंगे. बताया जा रहा है कि पेशावर और क्वेटा में सैन्य अधिकारियों के बड़े काफिले पहले की तरह चलते रहेंगे.

सरकारी दफ्तर हफ्ते में 4 दिन खुलेंगे

पाकिस्तान की कमजोर होती अर्थव्यवस्था के कारण अब सरकारी संस्थानों को भी खर्च कम करने के लिए सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं. इससे पहले तेल संकट की वजह से पाकिस्तान में सरकारी ईंधन भत्ते में 50 फीसदी की कटौती की गई है. इसके साथ ही वर्क फॉर होम पॉलिसी लागू की गई है. इसके अलावा सरकारी दफ्तर हफ्ते में 4 दिन खुलेंगे. तो वहीं स्कूलों को 2 हफ्ते के लिए बंद किया गया है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि पूरा क्षेत्र इस समय युद्ध की चपेट में है, जिससे आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं.

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