होर्मुज में सुरंगें बिछाईं तो मिलेगा करारा जबाव… ट्रंप की ईरान को सख्त चेतावनी, 10 जहाजों को नष्ट करने का किया दावा
TV9 Bharatvarsh March 11, 2026 08:42 AM

पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि ईरान ने इस समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगें बिछाईं तो उसे ऐसे सैन्य परिणामों का सामना करना पड़ेगा जो पहले कभी नहीं देखे गए.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि अभी तक अमेरिका के पास यह रिपोर्ट नहीं मि है कि ईरान ने होर्मुज में सुरंगें बिछाई हैं. लेकिन अगर ऐसा किया गया है तो उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान सुरंगें हटाता है तो यह सही दिशा में बड़ा कदम होगा.

‘बारूदी सुरंगें बिछाई हैं को तुरंत हटाएं’

ट्रंप ने कहा ‘अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई बारूदी सुरंग बिछाई है, और हमारे पास इसकी कोई रिपोर्ट नहीं है, तो हम चाहते हैं कि उन्हें तुरंत हटाया जाए! अगर किसी भी कारण से बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं और उन्हें तुरंत नहीं हटाया गया, तो ईरान को गंभीर सैन्य परिणाम भुगतने पड़ेंगे. दूसरी ओर, अगर वे बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटा देते हैं, तो यह सही दिशा में एक बड़ा कदम होगा’.

‘बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों को किया नष्ट’

वहीं इसके कुछ समय बाद ट्रंप ने कहा सोशल मीडिया पर एक अन्य पोस्ट में कहा 10 निष्क्रिय बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं/जहाजों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया था. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर कहा ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले कुछ घंटों में हमने 10 निष्क्रिय बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों को निशाना बनाकर पूरी तरह से नष्ट कर दिया है, और आगे भी कई और नष्ट किए जाएंगे!’.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा ‘हम होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश करने वाली किसी भी नाव या जहाज को पूरी तरह से नष्ट करने के लिए मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ इस्तेमाल की गई तकनीक और मिसाइल क्षमताओं का उपयोग कर रहे हैं.उनसे तुरंत और सख्ती से निपटा जाएगा. सावधान!’.

यूएस सेंट्रल कमांड का बयान

अमेरिकी सेना के यूएस सेंट्रल कमांड ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो शेयर किया. इसमें कहा गया, ‘अमेरिकी सेनाएं समुद्र में शक्ति प्रदर्शन करने और अंतरराष्ट्रीय जहाजों को परेशान करने की ईरानी शासन की क्षमता को कमजोर कर रही हैं. सालों से ईरानी सेनाएं उन जलक्षेत्रों में नौवहन की स्वतंत्रता के लिए खतरा बनी हुई हैं जो अमेरिकी, क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा और समृद्धि के लिए आवश्यक हैं’.

मंगलवार को इससे पहले एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान में जमीनी स्तर पर सेना भेजने के विकल्प को खारिज नहीं किया है और फारस की खाड़ी के इस देश में सैन्य अभियान एपिक फ्यूरी के उद्देश्यों की प्राप्ति के बाद समाप्त हो जाएंगे.

पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति तेजी से बिगड़ रही है. ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइलों और ड्रोन से कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों, दूतावासों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया है. ये हमले संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन जैसे पड़ोसी देशों में हुए हैं.

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर

इस बढ़ते संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ा है. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास स्थिति काफी संवेदनशील हो गई है. यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है. अगर यहां तनाव बढ़ता है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है. ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह तनाव न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिंता का विषय बनता जा रहा है.

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