8 मार्च 2026 की रात अहमदाबाद में जसप्रीत बुमराह ने वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद करोड़ों प्रशंसकों को थी। ताजा आंकड़ों के अनुसार, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ फाइनल में बुमराह ने 4 ओवरों में मात्र 15 रन देकर 4 विकेट झटके। यह टी20 विश्व कप फाइनल के इतिहास में किसी भी तेज गेंदबाज द्वारा किया गया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। बुमराह की गेंदबाजी इतनी सटीक थी कि उन्होंने अपनी पूरी पारी के दौरान एक भी बाउंड्री (चौका या छक्का) नहीं दी। उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर खतरनाक रचिन रविंद्र को आउट कर न्यूज़ीलैंड की कमर तोड़ दी थी।
इस जादुई प्रदर्शन के साथ बुमराह ने श्रीलंका के दिग्गज लसिथ मलिंगा (38 विकेट) का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बुमराह अब टी20 विश्व कप इतिहास के सबसे सफल तेज गेंदबाज बन गए हैं, जिनके नाम 26 मैचों में 40 विकेट दर्ज हैं। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 14 विकेट लिए और वरुण चक्रवर्ती के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बुमराह को "राष्ट्रीय रत्न" बताते हुए कहा कि वे एक पीढ़ी में एक बार पैदा होने वाले गेंदबाज हैं।
मैच के बाद बुमराह ने खुलासा किया कि अहमदाबाद के फ्लैट ट्रैक पर गति से ज्यादा 'स्मार्ट क्रिकेट' और चतुराई भरी धीमी गेंदें उनकी सफलता की कुंजी रहीं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "अपने घरेलू मैदान पर विश्व कप फाइनल जीतना और 'प्लेयर ऑफ द मैच' बनना सबसे खास अहसास है।" बुमराह अब टी20 विश्व कप नॉकआउट मुकाबलों में 4 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले तेज गेंदबाज भी बन गए हैं। फिलहाल, बुमराह अपनी अजेय टीम के साथ जीत का जश्न मना रहे हैं और उन्हें आईसीसी की 'टीम ऑफ द टूर्नामेंट' में भी प्रमुख स्थान दिया गया है।