Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि व्रत की सही विधि क्या है, सुबह से लेकर शाम तक माता रानी का कैसे करें पूजा-पाठ
TV9 Bharatvarsh March 12, 2026 12:43 AM

Chaitra Navratri 2026: हर वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि की शुरुआत होती है. इसे चैत्र नवरात्रि के रूप में जाना जाता है. पौराणिक मान्यता है कि इसी माह में माता दुर्गा ने अवतार लिया था और दैत्य महिषासुर का अंत किया था. चैत्र नवरात्रि के दिन माता की भक्ति और अराधना के दिन होते हैं. इस दौरान नौ दिन भक्त माता की भक्ति में डूबे रहते हैं. साथ ही उपवास करते हैं. इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से होगी. इसका समापन 27 मार्च को होगा. इस दिन राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा.

चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में माता दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा का विधान है. साथ ही माता को अलग-अलग चीजों का भोग लगाया जाता है. माना जाता है कि नवरात्रि में माता रानी अपने भक्तों के दुखों को दुर करने के लिए धरती पर आती हैं. नवरात्रि का व्रत बड़ा विशेष और पावन है. धर्म शास्त्रों में नवरात्रि व्रत की सही विधि और माता रानी के सुबह से लेकर शाम तक के पूजा-पाठ के बारे में बताया गया है. आइए जानते हैं.

नवरात्रि पूजा विधि ( Chaitra Navratri Puja Vidhi)

नवरात्रि के पहले दिन सुबह शुभ मुहूर्त में मंदिर या किसी पवित्र स्थान पर गंगाजल छिड़कें और उसे शुद्ध कर लें. फिर विधि- विधान से घटस्थापना करें. फिर कलश के पास या उसके ऊपर देवी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें. साथ में अखंड ज्योत जलाएं. ध्यान रखें कि ये पूरी नवरात्रि न बुझे. माता को चुनरी चढ़ाएं. फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ माता की पंचोपचार विधि से पूजा करें. दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती, देवी कवच का पाठ करें. माता को भोग अर्पित करें और आरती करें. इसी तरह से शाम को भी माता की पूजा करें.

नवरात्रि व्रत के नियम ( Chaitra Navratri Vrat Niyam)

नवरात्रि व्रत में ब्रह्मचर्य का पालन करें. मन में क्षमा, दया, उदारता और उत्साह का भाव रखें. अष्टमी या नवमी तिथि पर व्रत खोलें तो 9 कुंवारी कन्याओं को भोजन अवश्य कराएं. इस दौरान पूजा के समय हवन करें. नवरात्रि के दिनों में हमेशा सत्य बोलें. माता रानी की विधि-विधान से पूजा के बाद ही फलाहार लें. क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें. नवरात्रि में लकड़ी के तख्त या बेड पर न सोएं. घर में तामसिक भोजन न बनवाएं. व्रत के दौरान सेंधा नमक का ही प्रयोग करें.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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