मुंबई, 20 मार्च। फिल्म निर्देशक सुजॉय घोष को सुप्रीम कोर्ट से एक महत्वपूर्ण राहत मिली है। कोर्ट ने 2016 में रिलीज हुई फिल्म 'कहानी-2' से जुड़े कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में चल रही कार्रवाई को समाप्त करने का आदेश दिया है।
घोष पर आरोप था कि उन्होंने 'कहानी-2' की कहानी चुराई है। पहले इस मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई थी, लेकिन निर्देशक ने फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का सहारा लिया। इससे पहले, जुलाई 2025 में, सुप्रीम कोर्ट ने घोष को राहत देते हुए झारखंड कोर्ट में पेशी से छूट दी थी और नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
यह कॉपीराइट उल्लंघन का मामला 2018 से चल रहा था, जब लेखक उमेश मेहता ने आरोप लगाया था कि घोष ने उनकी कहानी का बिना अनुमति उपयोग किया। मेहता का कहना था कि उन्होंने 'सबक' की कहानी 2015 में निर्देशक को सुनाई थी।
इस मामले में हजारीबाग के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने घोष के खिलाफ समन जारी किया था, जिसके बाद उन्होंने झारखंड हाई कोर्ट का रुख किया, लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद, घोष ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। झारखंड हाई कोर्ट में कार्रवाई रद्द करने की उनकी अपील को भी कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि मामला कॉपीराइट उल्लंघन का है।
अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की कार्रवाई को समाप्त करने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि फिल्म 'कहानी-2' बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी। इसका बजट लगभग 25 करोड़ रुपये था और इसने वैश्विक स्तर पर 45 करोड़ रुपये की कमाई की थी। विद्या बालन ने इस फिल्म में एक मां का किरदार निभाया था, जो अपनी बेटी की किडनैपिंग की गुत्थी को सुलझाने में जुटी रहती है। 'कहानी-2' का पहला भाग भी दर्शकों द्वारा काफी सराहा गया था।