देश में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में एक बार फिर इजाफा देखने को मिला है। तेल विपणन कंपनियों ने प्रीमियम फ्यूल जैसे XP95, XP100, Power और Speed ब्रांड्स की कीमतों में लगभग 2 से 2.3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी आज से प्रभावी हो गई है, जबकि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव इसका प्रमुख कारण है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनावों के चलते ग्लोबल क्रूड ऑयल कीमतें प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा, प्रीमियम पेट्रोल में मिलाए जाने वाले विशेष एडिटिव्स (जैसे उच्च ऑक्टेन बूस्टर और परफॉर्मेंस बढ़ाने वाले कंपाउंड्स) की लागत में भी वृद्धि हुई है। प्रीमियम फ्यूल पहले से ही सामान्य पेट्रोल से 5-10 रुपये या उससे अधिक महंगा होता है, और अब इस बढ़ोतरी से यह अंतर और चौड़ा हो जाएगा।
प्रीमियम फ्यूल की कीमतें डी-रेगुलेटेड कैटेगरी में आती हैं, यानी कंपनियां इन्हें बाजार के आधार पर स्वतंत्र रूप से तय कर सकती हैं। पिछले कुछ समय से मार्केटिंग मार्जिन में कमी के कारण तेल कंपनियां दबाव में थीं। प्रीमियम सेगमेंट में मार्जिन बेहतर होने के चलते कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए इसकी कीमतें बढ़ाई हैं।
आम जनता पर क्या असर?राहत की बात यह है कि बेसिक फ्यूल यानी सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल कंपनियों ने आखिरी बार मार्च 2024 में सामान्य पेट्रोल-डीजल में 2 रुपये की कटौती की थी, और तब से ये दरें स्थिर हैं। प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री कुल पेट्रोल बिक्री का केवल छोटा हिस्सा है, इसलिए इसका व्यापक असर आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा।
किन लोगों पर ज्यादा प्रभाव पड़ेगा? यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से उन वाहन मालिकों को प्रभावित करेगी जिनके पास हाई-एंड या लग्जरी कारें, हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स कारें या बाइक्स हैं। प्रीमियम पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर 95 या उससे अधिक होता है, जो ऐसे इंजनों में बेहतर परफॉर्मेंस, तेज पिकअप, इंजन की लंबी उम्र और कम नॉकिंग प्रदान करता है। कीमतों में 2 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी से इन ग्राहकों का मासिक फ्यूल बजट बढ़ जाएगा।
बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और पुणे में प्रीमियम पेट्रोल की दरें अब रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच सकती हैं। उदाहरण के तौर पर, कुछ शहरों में यह पहले ही 110-113 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच चुका है, और बढ़ोतरी के बाद यह और ऊपर जा सकता है।
यह बढ़ोतरी उन लोगों के लिए चुनौती है जो अपनी गाड़ियों की बेहतर परफॉर्मेंस और इंजन स्वास्थ्य के लिए प्रीमियम फ्यूल पर निर्भर हैं। हालांकि, आम पेट्रोल-डीजल उपभोक्ताओं को फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आने पर प्रीमियम फ्यूल की दरें भी संतुलित हो सकती हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी गाड़ी के मैनुअल के अनुसार ही ईंधन का चयन करें और अनावश्यक खर्च से बचें।