दिल्ली से सटे गाजियाबाद की कौशांबी थाना पुलिस ने जासूसी और सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक महिला और एक नाबालिग शामिल हैं. जानकारी के अनुसार, नाबालिग संवेदनशील स्थान पर कैमरे लगाने में अहम भूमिका निभाता था. जासूसी नेटवर्क मामले में अब तक प्रदेश के कई जिलों से कुल 18 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं.
जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त नगर/मुख्यालय धवल जायसवाल ने बताया कि खुफिया इनपुट से मिली जानकारी के आधार 14 मार्च को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल 6 लोगों को गिरफ्तारी किया था. अब इस मामले में तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. इनकी पहचान नौशाद अली निवासी मुजफ्फरपुर और मीरा निवासी मथुरा के तौर पर हुई है. इसमें एक नाबालिग भी शामिल है.
सोशल नेटवर्किंग साइट को बना रखा था हथियारपुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि नौशाद अली विभिन्न सोशल नेटवर्किंग साइट्स से जुड़ा हुआ था. साथ ही इसने कई सोशल नेटवर्किंग ग्रुप बनाए हुए थे. नौशाद आर्थिक रूप से कमजोर लड़कों की तलाश करता था, जो तकनीकी रूप से दक्ष हो. उन्हें अपने ग्रुप में जोड़ता था. इनके जरिए वह संवदेनशील इलाकों की फोटो-वीडियो मंगवाता था. दूसरी आरोपी मीरा का काम हथियारों की तस्करी करना है. इसके खिलाफ दिल्ली में मुकदमा दर्ज है.
नाबालिग की थी अहम भूमिकाजांच में सामने आया है कि नाबालिग दूसरे नाबालिगों को पैसा का लालच देकर देश के खिलाफ होने वाली गतिविधियों में शामिल करता था. साथ ही उनके साथ मिलकर संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाता था. आरोप है कि इसके बाद उन फुटेज को पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेजता था. 14 मार्च गिरफ्तार किए सुहेल ने भी पुलिस की पूछताछ में कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं.
सुहेल ने पुलिस को बताया कि पिछले साल लाल के पास हुए धमाके की जानकारी उसे पहले से ही थी. इतना ही नहीं, पाकिस्तान में बैठे लोगों को कहने पर वह ब्लास्ट के बाद घटनास्थल पर भी गया था. साथ ही सबूत के तौर पर उसे घटनास्थल के फोटो-वीडियो भेजे थे.