नई दिल्ली: अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे थे, तो आपके लिए आज का दिन किसी लॉटरी से कम नहीं है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन ही सर्राफा बाजार में हाहाकार मच गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतें ताश के पत्तों की तरह ढह गई हैं। पिछले काफी समय से आसमान छू रहे सोने के भाव में आज जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और आम खरीदारों के बीच हलचल तेज हो गई है।
सोने की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावटMCX पर आज बाजार खुलते ही सोने के भाव में भारी मुनाफावसूली देखने को मिली। 02 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट वाले सोने की कीमत में 7,030 रुपये यानी करीब 4.87% की बड़ी सेंध लगी है। इस गिरावट के बाद अब सोने का भाव 1,37,462 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। आपको बता दें कि अभी कुछ ही दिन पहले सोने ने 1.50 लाख रुपये का ऐतिहासिक स्तर पार कर सबको चौंका दिया था, लेकिन आज की गिरावट ने पुराने सारे रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं।
चांदी की चमक हुई फीकी, 13 हजार से ज्यादा टूटीसोने से भी ज्यादा बुरा हाल चांदी का हुआ है। चांदी की कीमतों में आई गिरावट वाकई डराने वाली है। आज चांदी 5.95% यानी सीधे 13,482 रुपये प्रति किलो सस्ती होकर 2,13,290 रुपये के स्तर पर आ गई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में बिकवाली के भारी दबाव और औद्योगिक मांग में अचानक आई कमी ने चांदी को ‘अर्श से फर्श’ पर लाकर खड़ा कर दिया है।
आखिर क्यों औंधे मुंह गिरे दाम?बाजार विशेषज्ञों ने इस अचानक आई गिरावट के पीछे तीन बड़े कारण बताए हैं। सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स का मजबूत होना है, जिससे दूसरे देशों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है और मांग गिर जाती है। दूसरा कारण ‘प्रॉफिट बुकिंग’ है; साल 2025 और 2026 की शुरुआत में सोने ने निवेशकों को 70% से ज्यादा का तगड़ा रिटर्न दिया था, इसलिए अब लोग अपना मुनाफा सुरक्षित करने के लिए जमकर बिकवाली कर रहे हैं। इसके अलावा, शेयर बाजार (Sensex/Nifty) में मची अफरा-तफरी के कारण बड़े निवेशक अपने घाटे की भरपाई करने के लिए सोने की होल्डिंग बेच रहे हैं।
क्या खरीदारी के लिए यह सही मौका है?एक्सपर्ट्स की मानें तो कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट को एक ‘हेल्दी करेक्शन’ के तौर पर देखा जाना चाहिए। शादियों का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में आम ग्राहकों के लिए यह राहत भरी खबर है। हालांकि, मिडिल ईस्ट (ईरान-इजरायल) के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति अभी बनी रह सकती है। इसलिए निवेश करने से पहले बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी है।